OPINION: बेटियों को सामाजिक-आर्थिक रूप से संबल देने में जुटी है दिल्ली सरकार
Delhi govt scheme: दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा और पालन-पोषण में सहायता के लिए कई वर्षों से लाडली योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों वाले परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना, उनकी भलाई सुनिश्चित करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। इस योजना की वजह से अब तक दिल्ली की हजारों बेटियों और उनके गरीब माता-पिता को बहुत बड़ी राहत मिल चुकी है और उनके कल्याण का रास्ता साफ हो चुका है।
इस योजना के तहत, बेटियों के बैंक खाते में एक निश्चित राशि जमा की जाती है, जिसे उसके 18 वर्ष की होने पर निकाला जा सकता है। आम तौर पर इसका लाभ माता-पिता को बेटियों की शादी करने में मिलता है और उन्हें किसी का मोहताज नहीं होना पड़ता।

Delhi govt scheme: लाडली योजना का उद्देश्य
इस योजना का मूल मकसद लड़कियों के खिलाफ भेदभाव से निपटना है। यह बेटियों की सुरक्षा और समाज में उनके महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए है, साथ ही इसके माध्यम से उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार भी किया जाता है। यह योजना जन्म के समय लड़कियों के पंजीकरण को भी प्रोत्साहित करती है और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिससे दिल्ली में लड़कियों की शैक्षिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

Delhi govt scheme: बेटियों को आर्थिक रूप से संबल देने का काम करती है यह योजना
अगर बेटी का जन्म उनके घर पर होता है तो दिल्ली सरकार की ओर से उसके खाते में 10,000 रुपए जमा किए जाते हैं। अगर बेटी सरकारी अस्पताल या प्रसूति गृह में जन्म लेती है तो उसके खाते में 11,000 रुपए जमा किए जाने का प्रावधान है। जैसे-जैसे वह स्कूली शिक्षा में आगे बढ़ती जाती है,जैसे-कक्षा 6, 9 और 10 में पहुंचने पर 5,000 रुपए और जुड़ते चले जाते हैं। कक्षा 10 पास करने और कक्षा 12 में दाखिला लेने पर अतिरिक्त 5,000 रुपए जमा कराए जाते हैं।

Delhi govt scheme: दिल्ली की बेटियों के लिए क्या है लाडली योजना का पात्रता मानदंड
लाडली योजना के पात्र होने के लिए आवेदक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस योजना का लाभ प्रति परिवार दो बेटियों तक ही सीमित है। पात्रता के लिए लड़की का स्कूल दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

Delhi govt scheme: लाडली योजना के लिए किस तरह से किया जा सकता है आवेदन
लाडली योजना के लिए आवेदन करने के लिए एमसीडी से आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है; कोई भी पहचान पत्र पर्याप्त है। इसके लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होता।
जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तो वह अपने खाते से ब्याज समेत सारी जमा राशि निकाल सकती है। कुल मिलाकर, इस योजना के तहत दिल्ली सरकार की ओर से समय के साथ लगभग 35,000 रुपए जमा किए जाते हैं; लेकिन उसके 18 वर्ष के होने पर ब्याज समेत यह बहुत बड़ी रकम में तब्दील हो चुकी होती है।

लाडली योजना दिल्ली में लड़कियों की शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, साथ ही समाज में उनकी अहमियत और सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी बहुत बड़ा योगदान दे रही है।












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