OPINION: दिल्ली सरकार का शिक्षा के क्षेत्र में इनोवेशन, तकनीकी आधारित टीचिंग से लर्निंग से हुई आसान
पिछले 9 साल मे दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में कई अहम और सकारात्मक बदलाव देखे गए। इसके साथ सरकार ने नए प्रयासों को जनता, विद्यार्थियों और शिक्षकों फीडबैक लेकर आगे की भी व्यवस्था करने की व्यवस्था की। यही वजह है कि राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूल आज इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के साथ शिक्षा के मामले में प्राईवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली करकार ने अबने इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए प्राथमिक विद्यालयों (प्राइमरी स्कूल) में तकनीकी आधारित शिक्षा व्यवस्था को उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की, जिसके माध्यम से बेसिक शिक्षा की व्यवस्था को मजबूती देने के साथ लर्निंग और टीचिंग को भी आसान बनाया गया।
पांचवीं तक की कक्षाओं में शिक्षा को रोचक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने इनोवेटिव तरीका अपनाया है। इस अनूठी प्रक्रिया और बच्चों कि शिक्षा पर इसके असर का सरकार लगातार फीडबैक ले रही है। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना लगातार स्कूलों को दौरा कर रही हैं।

दरअसल, एक पायलट प्रोजेक्ट के बाद दिल्ली सरकार के सभी सर्वोदय स्कूलों में तकनीकी आधारित लर्निंग प्रोसेस शुरू की है। ये लर्निंग प्रोसेस एक सॉफ्टवेयर व टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटरवेंशन है। इसका उद्देश्य सीखने सिखाने के लिए कक्षा को मजेदार बनाते हुए बच्चों की गतिशीलता को बढ़ाना है। ये छात्रों को विभिन्न विषयों के बारे में गहराई से जानने के साथ-साथ पीयर असेसमेंट और सेल्फ असेसमेंट को भी प्रोत्साहित करता है। ये लर्निंग प्रोसेस एक सॉफ्टवेयर व टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटरवेंशन है।
दिल्ली सरकार की नई तकनीकी का उद्देश्य सीखने सिखाने के लिए कक्षा को मजेदार बनाते हुए बच्चों की गतिशीलता को बढ़ाना है। ये छात्रों को विभिन्न विषयों के बारे में गहराई से जानने के साथ-साथ पीयर असेसमेंट और सेल्फ असेसमेंट को भी प्रोत्साहित करना है। शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना एक बयान के मुताबिक दिल्ली सरकार अपने इस इनोवेटिव प्रक्रिया न केवल बच्चों को सीखने की पूरी प्रक्रिया में बच्चों की रुचि बनाए रखती है बल्कि लगातार हर स्टेज पर बच्चों का असेसमेंट भी होता रहता है।
तकनीकी आधारिक्त शिक्षा व्यवस्था के तहत शिक्षक बच्चों की जिज्ञासों के समझने और पढ़ाने के तरीकों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत बच्चे खेल-खेल में सीख रहे और उनकी रटने की आदत गायब हो गई है। सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में अपनाए गए इस बदलाव से बच्चों की उपस्थिति में सात से दस फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इस प्रक्रिया से जहां क्लासरूम में न केवल बच्चों की भागीदारी बढ़ी है बल्कि बच्चों की उपस्थिति में भी लगभग 7 से 10 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया। जिसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां के शिक्षकों के टीचिंग के लिए एक अगल एनर्जी मिल रही है।
प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के शाथ दिल्ली सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने पर फोकस कर रही है। हाल ही में दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है। इसमें आतिशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से मान्यता प्राप्त और दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों के कामकाज पर गंभीर चिंता जाहिर की है। इसके अलावा उन्होंने कॉलेजों से मिल रही अनियमितता की शिकायतों पर विश्वविद्यालों को कामकाज दिल्ली सरकार को देने या केंद्र को खुद अपने हाथों में लेने की मांग की।












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