दिल्ली सरकार और एलजी के कब- कब जंग, कौन से मुद्दे रहे हावी, जानिए सबकुछ
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Delhi government and LG fight: दिल्ली में आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली पार्टी की सरकार के दूसरे कार्यकाल में उपराज्यपाल वीके सक्सेना और सीएम केजरीवाल के बीच सबसे अधिक खींचतान देखी गई। दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों कई विकास कार्यों को लेकर उप राज्यपाल वीके सक्सेना पर रोड़ा डालने के आरोप लगाए। दिल्ली सरकार और उप राज्यपाल के बीच जंग आज की नहीं है, यहां सरकार ओर एलजी के बीच टकराव होते रहे हैं।
संविधान के 69वें संशोधन के तहत नया अनुच्छेद 239 AA जोड़ा गया जिसके तहत दिल्ली को विशेष दर्जा मिला। जिसके बाद दिल्ली केंद्र शासित क्षेत्र को दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र कहा जाने लगा। इसी संविधान संशोधन के तहत उपराज्यपाल के साथ चुनी हुई सरकार में शामिल होने का अधिकार मिला। वहीं 15 मार्च 2021 को GNCT bill 2021 लोकसभा और 24 मार्च 2021 को राज्य सभा में पास हो गया, जिसके बाद ही समय-समय पर दिल्ली सरकार और एलजी के बीच विवाद होते रहे हैं।
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LG ने नई शराब नीति को किया रद्द
दिल्ली की शराब नीति रद्द होने पर जमकर बवाल देखा गया। एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जांच भी बैठाई। यही नहीं एलजी ने मामले में दिल्ली की नई एक्साइज पॉलिशी के तहत दिए गए टेंडर की जांच के लिए सीबीआई को नामित किया। मामले में दिल्ली सरकार पर आरोप लगे कि जानबूझकर लोगों को अनुचित फायदा दिलाने के लिए नई शराब नीति में कमियां की गई थीं।
शिक्षकों को फिनलैंड भेजने के मुद्दा
दिल्ली सरकार ने एलजी पर शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश नहीं भेजने देने का आरोप लगा। मामले में आप ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था। जिस पर पिछले महीने की 17 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने एलजी कार्यालय को नोटिस भेजा था। दिल्ली सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल ने शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए राइडर्स के साथ भेजने की अनुमति दी है। वहीं एलजी कार्यालय ने कहा कि शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजने से नहीं रोका गया।
वीके सक्सेना के एलजी बनने के बाद से तनातनी
केंद्र शासित प्रदेश का शासन की शक्ति यहां की चुनी हुई सरकार के अलावा उपराज्यपाल पास भी हैं। लेकिन दिल्ली सरकार और एलजी के बीच तनातनी हमेशा बनी रहती है। वीके सक्सेना, अनिल बैज या फिर नजीब जंग इनमें से किसी भी उपराज्यपाल के साथ दिल्ली के सीएम केजरीवाल की नहीं बनी। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की बाद सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेई और पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने मदन लाल खुराना ने की थी। इसके बाद 2014 में फिर से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ऐसी ही मांग की।
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सीएम का सिंगापुर यात्रा को रोकने का आरोप
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने पिछले साल सिंगापुर जाने का प्रस्ताव एलजी कार्यालय को भेजा था। ये प्रस्ताव एलजी को 1 अगस्त, 2022 को भेजा गया। जिसमें सिंगापुर समिट में दिल्ली का विकास मॉडल प्रस्तुत करने के लिए वहां जाने की इजाजत मांगी गई थी। लेकिन एलजी ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया और कहा कि सिंगापुर समिट में मुख्यमंत्री का जाना आवश्यक नहीं है।
MCD में एल्डरमैन के मनोनयन पर बवाल
एमसीडी में जीत के बाद मेयर ओर डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय तक गहमा गहमी चली। 15 साल बाद आप ने भाजपा को दिल्ली नगर निगम की सत्ता से बाहर कर दिया था। जिसके बाद दिल्ली सरकार में शामिल कई मंत्रियों ने एल्डरमैन की नियुक्ति पर उपराज्यपाल को निशाने पर लिया। दिल्ली सरकार की ओर आरोप लगा कि एलजी वीके सक्सेना भाजपा की मदद कर रहे हैं।
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बस खरीद मामले पर जंग
केजरीवाल सरकार के 1,000 लो-फ्लोर बसों की खरीद मामले में कथित भ्रष्टाचार जांच को एलजी ने मंजूरी दी है। एलजी ने मामले शिकायत सीबीआई को भेज दिया है। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने कहा कि अब दिल्ली को ज्यादा पढ़े लिखे उपराज्यपाल की जरूरत है। एलजी को ये पता ही नहीं कहां हस्ताक्षर करने चाहिए। दिल्ली सरकार ने कहा कि उपराज्यपाल पहले खुद के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देना चाहिए। उन पर खादी ग्राम उद्योग आयोग का अध्यक्ष रहते 1400 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप हैं।
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