Delhi Gate का होगा मेकओवर! 4.6 करोड़ से बनेगा मिनी पार्क, फाउंटेन से स्केटिंग रिंक तक क्या है PWD का प्लान
Delhi Gate Makeover PWD Plan: दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाने वाले दिल्ली गेट जंक्शन को अब पूरी तरह नए अवतार में लाने की तैयारी है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट यानी PWD ने इस चौराहे के कायाकल्प के लिए 4.6 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। यह इलाका फिलहाल सिर्फ ट्रैफिक के दबाव में घिरा हुआ है, जहां पैदल चलने वालों या आम लोगों के लिए कोई खास जगह नहीं है। अब सरकार इसे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि एक पब्लिक स्पेस के तौर पर विकसित करना चाहती है।
कहां होगा यह पूरा बदलाव
PWD का यह प्रोजेक्ट नेताजी सुभाष मार्ग से लेकर आसफ अली रोड तक के हिस्से को कवर करेगा। यह वही इलाका है जो लाल किले की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों में शामिल है और जहां रोजाना भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। अभी यह जंक्शन सिर्फ गाड़ियों की आवाजाही तक सीमित है, लेकिन नए डिजाइन के तहत यहां एक बड़ा सेंट्रल आइलैंड बनाया जाएगा।

ट्रैफिक डिवाइडर नहीं, बनेगा पब्लिक स्पेस
PWD की योजना के मुताबिक यह सेंट्रल आइलैंड सिर्फ ट्रैफिक डिवाइडर नहीं होगा। यहां एक लैंडस्केप्ड पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें बैठने की जगह, फाउंटेन और पक्के वॉकवे शामिल होंगे। बच्चों के लिए अलग से प्ले एरिया होगा, वहीं युवाओं के लिए स्केटिंग रिंक का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा तय पार्किंग स्पेस भी बनाए जाएंगे, ताकि अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या से राहत मिल सके।
ठेकेदार की जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं
इस प्रोजेक्ट में चयनित ठेकेदार की जिम्मेदारी सिर्फ काम पूरा करने तक सीमित नहीं होगी। उसे साइट की मिट्टी की जांच करनी होगी, सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां लेनी होंगी और काम पूरा होने के बाद 'ऐज-बिल्ट ड्रॉइंग' भी तैयार करनी होगी। इसके साथ ही सभी उपकरणों, फिटिंग और फिक्स्चर की वारंटी और प्री-कमीशनिंग टेस्ट भी ठेकेदार को ही करने होंगे।
समय पर काम पूरा करने पर रहेगा फोकस
PWD ने साफ किया है कि काम में देरी न हो, इसके लिए ठेकेदार को स्टेज-वाइज टाइम और प्रोग्रेस चार्ट देना होगा। इंजीनियर-इन-चार्ज इस शेड्यूल की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर ड्रॉइंग या मंजूरियों को ध्यान में रखते हुए इसमें बदलाव भी किया जा सकता है।
सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी
हालांकि यह प्रोजेक्ट सुनने में आकर्षक है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह रहेगी कि सौंदर्यीकरण के चलते ट्रैफिक फ्लो और सड़क की पहुंच पर असर न पड़े। अगर योजना सही तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली गेट जंक्शन एक ट्रैफिक-हब से निकलकर लोगों के लिए एक व्यवस्थित और खूबसूरत शहरी स्पेस बन सकता है।












Click it and Unblock the Notifications