Delhi की बसों में FREE एंट्री का बदला नियम! अब नहीं चलेगा पिंक टिकट, अनिवार्य होगा ये नया कार्ड
Delhi Free Bus Travel New Rules: दिल्ली की सार्वजनिक बसों (DTC और क्लस्टर) में सफर करने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए एक बड़ी खबर है। परिवहन विभाग अब मुफ्त यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाले 'पिंक टिकट' के सिस्टम को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में है। इसकी जगह अब यात्रियों को एक खास कार्ड का इस्तेमाल करना होगा।
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने इस नई तकनीक को लागू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राइवेट कंपनियां अगले एक महीने के भीतर अपना सेटअप तैयार कर लेंगी।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 से ये कार्ड जारी होने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद पिंक टिकट के बजाय कार्ड स्वैप करके ही फ्री सफर किया जा सकेगा।
Delhi Free Bus Travel: पिंक टिकट के बदले मिलने वाला NCMC कार्ड क्या है?
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) भारत सरकार की 'वन नेशन, वन कार्ड' पहल का हिस्सा है। यह एक 'इंटर-ऑपरेबल' स्मार्ट कार्ड है, जिसका अर्थ है कि एक ही कार्ड का उपयोग आप पूरे देश में मेट्रो, बस, ट्रेन (नमो भारत), टोल प्लाजा, पार्किंग और यहां तक कि रिटेल शॉपिंग के लिए भी कर सकते हैं। यह कार्ड बैंक के डेबिट या प्रीपेड कार्ड की तरह काम करता है, जिसे टैप करके भुगतान किया जा सकता है।
Delhi Free Bus Travel New Rules: इन लोगों को मिलेगा फ्री कार्ड
- महिलाएं और ट्रांसजेंडर: मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रखने के लिए इन्हें पिंक मोबिलिटी कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- रियायती यात्री: सीनियर सिटीसजन, दिव्यांग, पत्रकार और खिलाड़ियों को भी इसी कार्ड के जरिए रियायत मिलेगी, लेकिन उन्हें मामूली वन-टाइम शुल्क देना पड़ सकता है।
- सामान्य यात्री: आम जनता भी निर्धारित शुल्क देकर यह स्मार्ट कार्ड ले सकेगी और मेट्रो की तरह ही बसों में सफर कर पाएगी।
Delhi Free Bus Travel: दिल्ली का आधार कार्ड है जरूरी
मुफ्त और रियायती कार्ड पाने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी गई है। कार्ड बनवाने के इच्छुक यात्रियों के पास दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इसके बिना फ्री यात्रा वाला पास जारी नहीं किया जाएगा। वहीं, रियायती पास के लिए संबंधित श्रेणी के दस्तावेज (जैसे दिव्यांग प्रमाण पत्र या प्रेस कार्ड) भी दिखाने होंगे।
क्यों बदला जा रहा है सिस्टम?
वर्तमान में दिल्ली में रोजाना लगभग 7 लाख पिंक टिकट जारी होते हैं। महिलाओं को हर बार बस बदलने पर नया टिकट लेना पड़ता है, जिसमें कागज की बर्बादी और समय दोनों ज्यादा लगते हैं। नया NCMC कार्ड मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों की तरह ही काम करेगा। यात्री को बस एक बार कार्ड टैप करना होगा, जिससे डेटा को मैनेज करना आसान होगा और ट्रांसपेरेंसी
भी बढ़ेगी।












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