दिल्ली की 13 सीटों पर कांग्रेस ने ऐसे बिगाड़ दिया AAP का खेल, नहीं तो जीत जाते केजरीवाल समेत ये दिग्गज
Delhi Election Result 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ( AAP) को करारी हार का सामना हार मिली है। 2020 के चुनाव में बंपर जीत हासलि करने वाली AAP महज 22 सीटों पर जीत हासिल कर सकी है। वहीं पिछले चुनाव में महज 9 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी ने 70 में 48 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा की इस प्रचंड जीत का श्रेय "मौदी मैजिक" को दिया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी की हार के लिए कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने को कारण बता रहे हैं। ये सच है कि 2025 के चुनाव परिणाम पर नजर डाले तो 13 सीटें ऐसी हैं जहां पर आम आदमी पार्टी का खेल कांग्रेस ने बिगाड़ा है। दिल्ली की 13 सीटें ऐसी हैं जहां पर कांग्रेस के नेताओं को जितने वोट मिले हें उतने ही या उससे कम वोटों के अंतर से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हारे हैं।

इन 13 सीटों पर हारने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवारों में अरविंद केजरीाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज समेत AAP के कई दिग्गज उम्मीदवार के नाम शामिल हैं। इन सीटों के वोटों को अंतर पर नजर डाले तो ये बात साफ समझ आ रहा है कि अगर लोकसभा चुनाव 2024 की तरह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने चुनाव साथ मिलकर चुनाव लड़ा होता तो इन सीटों पर भाजपा की हार पक्की थी।
नहीं तो जीत जाते केजरीवाल समेत ये दिग्गज
अरविंद केजरीवााल नई दिल्ली सीट से, मनीष सिसौदिया जंगपुरा सीट से, सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश सीट से , सोमनाथ भारती मालवीय नगर सीट से और राजिंदर सीट से दुर्गेश पाठक हैं, जो कांग्रेस उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के कारण हारे हैं। इन सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर कांग्रेस के वोटों से कम है।
नई दिल्ली सीट से हारे अरविंद केजरीवाल
दिल्ली की नई दिल्ली सीट से लगतार तीन बार चुनाव जीत रहे अरविंद केरजवाल भाजपा के प्रवेश वर्मा से चुनाव हार गए हैं। केजरीवाल को भाजपा के प्रवेश वर्मा ने 4,089 वोटों के अंतर से हराया है। इस सीट से दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित संदीप दीक्षित केजरीवाल और प्रवेश वर्मा के खिलाफ चुनाव लड़े थे।
संदीप दीक्षित को महज 4,568 वोट मिले हैं। संदीप दीक्षित की मां और दिल्ली की तत्कालीन सीएम शीला दीक्षित ने इसी सीट से 2013 के चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने हराया था और कांग्रेस का 15 साल का दिल्ली का शासन खत्म कर दिया था।
जंगपुर सीट से हारे मनीष सिसोदिया
ऐसे ही दिल्ली की जंगापुर सीट से आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भाजपा के तरविंदर सिह मारवाह से महज 675 वोटों के अंतर से हारे हैं। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार फरहाद सूरी को 7,350 वोट मिले हैं। पटपड़गंज से तीन बार विधायक रहे मनीष सिसोदिया को आप ने इस बार जंगापुर सीट से टिकट देकर चुनाव लड़वाया था लेकिन वो 675 के मामूली अंतर से चुनाव हार गए।
ग्रेटर कैलाश से हारे सौरभ भारद्वाज
ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस सीट से दो बार आप विधायक रहे सौरभ भारद्वाज को भाजपा की पार्षद शिखा रॉय ने 3,188 वोटों से हराया।। यहां कांग्रेस प्रत्याशी गर्वित सिंघवी को 6711 वोट मिले।
मालवीय नगर से हारे सोमनाथ भारती
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के वकील सोमभान भारती जो 2013 से मालवीय नगर से विधायक रहे। वो इस सीट से तीसरी बार चुनाव लड़े, इन्हें भाजपा के पूर्व पार्षद, सतीश उपाध्याय ने 2,131 वोटों के अंतर से हराया। इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार जितेंद्र कुमार कोचर को 6,770 वोट मिले हैं।
मादीपुर से हारी राखी बिड़ला
आप की डिप्टी स्पीकर राखी बिड़ला जो मंगोलपुरी सीट से तीन बार विधायक रहीं उन्हें इस बार एससी-आरक्षित मादीपुर से मैदान में उतारा गया। राखी भाजपा के कैलाश गंगवाल से 10,899 वोटों से हार गईं। इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार जेपी पंवार को 17,958 वोट मिले।
राजिंदर नगर सीट से हारे दुर्गेश पाठक
राजिंदर नगर में दुर्गेश पाठक भाजपा के उमंग बजाज से 1,231 वोटों से हार गए। यहां कांग्रेस प्रत्याशी विनीत यादव ने 4015 वोट हासिल कर जीत हासिल की। दुर्गेश पाठक ने 2022 में उपचुनाव में ये सीट जीती थी। इस सीट पर राघव चड्ढा के राज्य सभा सांसद बनाए जाने के बाद खाली हो गई थी और चुनाव हुए थे।












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