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New Delhi Seat: केजरीवाल, प्रवेश वर्मा और संदीप दीक्षित में सबसे पढ़ा-लिखा कौन हैं?

Delhi Elections 2025: दिल्‍ली विधानसभ चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी है। दिल्‍ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी को वोटिंग होगी। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सत्‍ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है। वहीं भाजपा और कांग्रेस दिल्‍ली फतेह करने के लिए चुनाव मैदान में जमकर प्रचार कर रही है।

दिल्‍ली की कई ऐसी सीटें हैं जिन पर आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्‍कर देने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने दिग्गज चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है। इन्‍हीं में राजधानी की नई दिल्‍ली विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट से आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को टक्‍कर देने के लिए भाजपा ने प्रवेश वर्मा और कांग्रेस ने संदीप दीक्षित को इस सीट से उम्‍मीदवार बनाया है।

Delhi Elections 2025

बता दें इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के कई ऐसे उम्‍मीदवार ऐसे हैं जिनके पास पीएचडी, एमबीए, बीएड, बीटेक तक की डिग्रियां हैं। वहीं कई ऐसे उम्‍मीदवार हैं जो महजव आठवीं, दसवीं पास हैं। आइए जानते हैं नई दिल्‍ली सीट से आप, भाजपा और कांग्रेस के तीनों उम्‍मीदवारों में सबसे पढ़ा-लिखा उम्‍मीदवार कौन है?

केजरीवाल, प्रवेश वर्मा और संदीप दीक्षित में सबसे पढ़ा-लिखा कौन हैं?

अरविंद केजरीवाल की पढ़ाई की बात करें तो उन्‍होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की है। वहीं दिल्‍ली के पूर्व सीएम साहेब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने एलएलबी की पढ़ाई की है। दिल्‍ली की पूर्व सीएम दिवंगत शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने पीजी डिप्‍लोमा हैं।

ज्‍वाइंट कमिश्‍नर की नौकरी छोड़ नेता बने केजरीवाल

यानी नई दिल्‍ली सीट के तीनों प्रमुख पार्टियों के इन दावेदारों में अरविंद केजरीवाल सबसे अधिक पढ़े लिखे हैं। याद रहे खड़कपुर से आइआईआई की पढ़ाई करने के बाद केजरीवाल ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की थी और इंडियन रेवेन्‍यू सर्विस डिपार्टमेंट में असिस्‍टेंट कमिश्‍नर के तौर पर ज्‍वाइन किया था और 2006 में ज्‍वाइंट कमिश्‍नर ऑफ इनकम टैक्‍स के पद से रिजाइन कर दिया था और अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े और 2012 में अपनी आम आदमी पार्टी की स्‍थापना कर राजनीति में धुंआधार एंट्री की।

नई दिल्‍ली सीट तय करती है दिल्‍ली की सरकार

बता दें नई दिल्‍ली एक ऐसी सीट हैं, जिसके लिए माना जाता है कि इस सीट पर जिस भी पार्टी के उम्‍मीदवार को जीत मिलती है उसी राजनीतिक दल की दिल्‍ली में सरकार बनती है।

  • 1993 में भाजपा के कीर्ति आजाद जीते थे और तब भाजपा की सरकार बनी थी!
  • 2002 और 2008 में शीला दीक्षित इस सीट से जीती और कांग्रेस की सरकार बनी और शीला दीक्षित ने सीएम बनी। 2013 में इस सीट से शीला दीक्षित को अरविंद केजरीवाल ने हराया और दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी।हालांकि कांग्रेस के समर्थन से बनी आम आदमी पार्टी की सरकार महज 49 दिन में गिर गई।
  • 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है।
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