Delhi Election 2025: 12 लाख तक की सैलरी पर इनकम टैक्स में छूट के बाद क्या सोच रहे हैं मिडिल क्लास वोटर? पढ़िए
Delhi Election 2025: 1 फरवरी को लोकसभा में साल 2025-2026 का आम बजट पेश हुआ और अगले दिन से ही बीजेपी ने इसमें मिडिल क्लास को मिली बंपर रियायत का संदेश वोटरों तक पहुंचाना शुरू कर दिया गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आरके पुरम की एक रैली में इसे 'मध्यम वर्ग के लिए अब तक का सबसे बढ़िया बजट'बताया।
पिछले दो दिनों से तमाम राष्ट्रीय अखबारों से लेकर अन्य माध्यमों से बीजेपी दिल्ली के मतदाताओं तक बजट में मध्यम वर्ग समेत अन्य सभी वर्गों के लिए किए गए विभिन्न प्रावधानों को पहुंचाने की पूरजोर कोशिश की है।

Delhi Election 2025: मध्यम वर्ग की खुशी दिल्ली में किसके लिए होगी 'कत्ल की रात'?
तथ्य यह है कि दिल्ली में मध्यम वर्ग एक बहुत बड़ा वोटर ग्रुप है। प्राइस के एक सर्वे के अनुसार 2022 में दिल्ली में 40 लाख लोग इनकम टैक्स देते थे। बीते तीन वर्षों में इनकी संख्या में बढ़ोतरी का ही अनुमान है।
एक और अनुमान के अनुसार दिल्ली 67% परिवार मध्यम वर्गीय है, इस वजह से मतदान के आखिरी चार दिनों में दिल्ली के चुनावी माहौल में अप्रत्याशित बदलाव की संभावना जताई जा रही है। खासकर इस वजह से भी कि दिल्ली में मतदान का ऐसा ट्रेंड रहा है कि यहां वोटिंग से 40 से 48 घंटे में काफी कुछ उलटफेर होने की संभावना रहती है। कुछ चुनाव विश्लेषक इसे 'कत्ल की रात' कहते हैं।
Delhi Election 2025: बजट में मिडिल क्लास की चिंताओं का ध्यान रखा गया- आरडब्ल्यूए
इंडियन एक्सप्रेस ने केंद्रीय बजट को लेकर मिडिल क्लास वोटरों के विचारों को समझने के लिए दिल्ली के कुछ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के लोगों से बात की है। दिल्ली के इन आवासीय कोलोनियों में आमतौर पर मध्यम और उच्च-मध्यम वर्गीय परिवार के लोग रहते हैं और इस मामले में उनकी राय बहुत ही मायने रखती है।
मसलन, करीब 100 आरडब्ल्यूए के एक साझा संगठन ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष बीएस वोहरा का कहना है, मिडिल क्लास लंबे समय से अपने करों को लेकर चिंतित था, कि 'उनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा चला जाता है।' उनके मुताबिक, 'निश्चित रूप से बजट से यह संदेश मिला है कि उनकी चिंताओं का ध्यान रखा गया है।'
Delhi Election 2025: बीजेपी के लिए सकारात्मक माहौल बनने का आरडब्ल्यूए के लोग दे रहे हैं संकेत
इसी तरह दरियागंज आरडब्ल्यूए के महासचिव योगेश जैन कहना है कि टैक्स रिफॉर्म से पता चलता है कि बीजेपी क्यों अन्य पार्टियों से अलग है। यह इलाका मटिया महल सीट का हिस्सा है और जैन का कहना है, 'सभी पार्टियां फ्री में चीजें देने की बातें करती हैं,लेकिन यह सबसे अलग है। मेरे इलाके में निश्चित तौर पर बहुत सारे लोग इसी तरह से सोच रहे होंगे।'
बिजवासन विधानसभा सीट के पॉश माने जाने वाले इलाके वसंत कुंज के डीडीए अपार्टमेंट के सचिव माधवेंद्र शुक्ला ने भी यही बताया है कि उनके क्षेत्र में लोगों की भावना ज्यादातर बीजेपी को लेकर 'सकारात्मक' है। उनके मुताबिक, 'जिस परिवार में पति-पत्नी दोनों काम करते हैं, वह सोच रहे हैं कि उनके हर साल 50,000 रुपए से 70,000 रुपए तक बचेंगे। अगले वित्त वर्ष से मेरी भी निजी तौर पर 1.25 रुपए बचेंगे।'
वहीं मालवीय नगर के एक और पॉश इलाके नवजीवन विहार आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुनील खरबंदा को लगता है कि बीजेपी को निश्चित रूप से फायदा होगा। पेशे से सीए खरबंदा कहते हैं, 'आरडब्ल्यूए में रहने वाले मिडिल क्साल के लोग सालाना 20 से 30 लाख रुपए कमाते हैं। उन्हें 25,000 से 30,000 रुपए की बचत दिख रही है। यह अच्छा कदम है।'
Delhi Election 2025: आरडब्ल्यूए के लोगों में पहले से ही दिख रही थी सत्ता-विरोधी लहर
यहां आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मुश्किल इसलिए ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि आरडब्ल्यूए के लोग ही हैं जो लगातार खराब सड़कें, पानी सप्लाई में दिक्कत और सीवर और साफ-सफाई का रोना रो रहे हैं। वसंत कुंज वाले शुक्ला कहते हैं, आम आदमी पार्टी इन समस्याओं के लिए एलजी और बीजेपी को दोष देते है। उनका कहना है कि 'इसलिए ज्यादातर लोग सोच रहे हैं कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो कम कम हम उन्हें जिम्मेदार तो ठहरा सकते हैं, ताकि चीजें व्यवस्थित हो सकें।'












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