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Delhi CM Rekha Gupta का बड़ा दांव: स्किल्ड यूथ से बनेगा ‘विकसित भारत’, प्रदूषण पर टेक्नोलॉजी का हमला

Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली सरकार अब सिर्फ योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राजधानी के युवाओं को देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनाने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा हुनरमंद, आत्मनिर्भर और इनोवेटिव बनेगा। इसी सोच के साथ दिल्ली सरकार स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को अपनी नीति का केंद्र बना रही है।

'विकसित भारत' हर नागरिक की जिम्मेदारी

एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'समर्थ भारत-विचार गोष्ठी' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत की 140 करोड़ की आबादी उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अगर इस ताकत को सही स्किल और अवसरों से जोड़ दिया जाए, तो देश की कई बड़ी समस्याएं अपने आप सुलझ सकती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार का सपना नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

Delhi CM Rekha Gupta

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार लगातार ऐसे नए कदम उठा रही है, जिससे युवाओं को स्किल ट्रेनिंग से जोड़ा जा सके। यहां तक कि किशोर अपराधों में शामिल बच्चों के लिए भी विशेष स्किल सेंटर तैयार किए जा रहे हैं, जहां हुनर सिखाना अनिवार्य होगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।

IIT दिल्ली में इनोवेशन की झलक, युवाओं से उम्मीदें

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने आईआईटी दिल्ली में आयोजित 'प्रदूषण के खिलाफ इनोवेटिव सॉल्यूशंस प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में जून 2025 में घोषित इनोवेशन चैलेंज के तहत चुने गए 33 इनोवेटिव समाधानों के प्रोटोटाइप पेश किए गए। ये समाधान दिल्ली सरकार की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें प्रदूषण से लड़ाई में युवाओं और स्टार्टअप्स को आगे किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि आपके इनोवेटिव आइडियाज देखकर दिल्ली का आने वाला कल उन्हें और बेहतर नजर आ रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि दिल्ली का युवा अब सिर्फ नौकरी मांगने वाला नहीं रहेगा, बल्कि नौकरी देने वाला बने, यही सरकार का संकल्प है।

प्रदूषण से लड़ाई अब अस्थायी नहीं, स्थायी समाधान पर जोर

रेखा गुप्ता ने स्वीकार किया कि वायु प्रदूषण दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन, रेड लाइट ऑन-इंजन ऑफ जैसे कदम अस्थायी थे। अब सरकार टाइमबाउंड, स्ट्रक्चर्ड और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधानों पर काम कर रही है। चाहे कूड़े के पहाड़ खत्म करने की बात हो, यमुना की सफाई हो, डस्ट मिटिगेशन हो या हरियाली बढ़ाने की योजना, हर कदम में तकनीक और इनोवेशन को शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में पहली बार 4,200 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को आधिकारिक रूप से वन क्षेत्र घोषित किया गया है। स्वदेशी और ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों से घने जंगल विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ हवा तक सीमित नहीं, बल्कि पानी, जमीन और जीवन से जुड़ा विषय है, और इसका हल युवाओं की सोच और तकनीक में छिपा है।

आधुनिक तकनीक से प्रदूषण पर सीधा वार

इस मौके पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछले आठ महीनों से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है, जिनका असर जमीन पर दिखने लगा है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, पुराने कचरे के निपटारे के लिए बायो-माइनिंग की जा रही है और धूल व पीएम10 प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पर्यावरण मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली की हवा केवल दिल्ली की समस्या नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर से जुड़ी है। इसलिए दिल्ली सरकार अपनी खुद की प्रभावी व्यवस्था और तकनीक विकसित कर रही है। क्लाउड सीडिंग जैसी नई तकनीकों को अपनाकर न सिर्फ प्रदूषण नियंत्रण, बल्कि बारिश प्रबंधन में भी दिल्ली देश के लिए मिसाल बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कुल मिलाकर दिल्ली सरकार का संदेश साफ है। युवा अगर इनोवेशन और स्किल के साथ आगे आए, तो प्रदूषण जैसी बड़ी चुनौती भी हार मान सकती है। यही रास्ता 'विकसित भारत' की ओर जाता है।

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