Delhi Chunav 2025: BJP का किन 11 सीटों पर कभी नहीं खुला खाता, इस बार'कमल'कहां खिलने की उम्मीद?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली में विधानसभा की 11 सीटें ऐसी हैं,जहां बीजेपी आजतक कभी नहीं जीत सकी है। 1993 से लेकर इस बार विधानसभा का यह आठवां चुनाव हो रहा है। लेकिन, जो सीटें भाजपा के लिए चुनौती बनी हुई हैं, उनमें से तीन तो परिसीमन के बाद 2008 में बनी हैं।
2013 के बाद दिल्ली में यह पहला चुनाव है, जिसमें त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना लग रही है। क्योंकि,आम आदमी पार्टी (AAP)ने बीते तीन चुनावों से धीरे-धीरे कांग्रेस का जनाधार खींच लिया है। हालांकि, इस बार भाजपा के लिए अबतक मुश्किल रही 11 सीटों में से कुछ पर अच्छी संभावना बन सकती है।

Delhi Chunav 2025: दिल्ली की 11 सीटों पर भाजपा को कभी नहीं मिली जीत
वनइंडिया से बातचीत में दिल्ली भाजपा के एक नेता ने ही बताया है कि पार्टी राजधानी की 18 से 19 सीटों को अपने लिए बहुत ही मुश्किल मानकर चल रही है, क्योंकि इन सीटों पर पार्टी ने कभी कोई खास प्रदर्शन नहीं किया है। लेकिन, इनमें से भी 11 सीटें ऐसी हैं, जहां कभी भी बीजेपी नहीं जीती है और एक 12वीं सीट भी है, जहां 2008 में भाजपा की किस्मत का ताला खुल चुका है।
Delhi Chunav 2025: कमजोर सीटों में जंगपुरा में बीजेपी को भाग्य चमकने की उम्मीद
दिल्ली विधानसभा की जंगपुरा सीट भी उन 11 सीटों में शामिल है, जहां भाजपा आजतक कभी नहीं जीत सकी है। लेकिन, इस बार इसी सीट से तीन बार के पूर्व विधायक तरविंदर सिंह मारवाह की वजह से भाजपा की संभावनाएं पहले से काफी बेहतर लग रही हैं। मारवाह दिग्गज कांग्रेसी रहे हैं और पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं और इस बार 'कमल'के नाम पर वोट मांग रहे हैं।
मारवाह के मुकाबले आम आदमी पार्टी (AAP) ने यहां से पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को उतारा है, जो पिछली बार बहुत कम अंतर से पटपड़गंज सीट बचा सके थे।
यही नहीं कांग्रेस ने यहां से दिल्ली नगर निगम के पूर्व मेयर फरहाद सूरी पर दांव लगाया है। दिल्ली के पॉश इलाकों में शामिल जंगपुरा पारंपरिक तौर पर कांग्रेस की सीट थी, जो कि 2013 से आप के कब्जे में चली गई है। लेकिन, इस बार मारवाह की वजह से यहां का समीकरण बदला तो बाजी पलटने की भी संभावना है। मारवाह, 1998,2003 और 2008 में यहां से जीत चुके हैं।
Delhi Chunav 2025: जंगपुरा समेत भाजपा को इन 11 सीटों पर कभी नहीं मिली सफलता, 12वीं सीट पर भी एक बार मिली जीत
जंगपुरा के अलावा बीजेपी दिल्ली की जिन 10 अन्य सीटों पर अबतक एक बार भी चुनाव नहीं जीती है, वे हैं- अंबेडकर नगर (अनुसूचित जाति), बल्लीमारान,मंगोलपुरी (अनुसूचित जाति), सुल्तानपुर माजरा (अनुसूचित जाति),देवली (अनुसूचित जाति) ,ओखला, मटिया महल,सीलमपुर,विकासपुरी, कोंडली (अनुसूचित जाति)।
इनके अलावा त्रिलोकपुरी (अनुसूचित जाति) सीट भी है, जहां बीजेपी सिर्फ एक बार यानी 2008 में जीती है, लेकिन न तो उसके पहले और न ही उसके बाद उसे इस सीट पर सफलता मिल पाई है। विकासपुरी, कोंडली (अनुसूचित जाति) और देवली (अनुसूचित जाति) 2008 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से बनी हैं।
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से बीजेपी इस बार खुद 68 सीटों पर मैदान में है और एक-एक सीट उसने बिहार की अपनी सहयोगी नीतीश कुमार की जेडीयू और चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) के लिए छोड़ी है। दिल्ली विधानसभा के लिए 5 फरवरी को चुनाव हो रहा है और नतीजे 8 फरवरी को आने की उम्मीद है।












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