डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली के केमिस्टों को सलाह, Aspirin,Ibuprofen जैसी दवा ना बेचें
दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने राजधानी के सभी केमिस्टों को एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि वे एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और डिक्लोफेनाक जैसी दवा बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रीप्शन के कतई ना बेचें।
दिल्ली सरकार ने दवा दुकानदारों को यह भी कहा है कि वे ऐसी दर्द नाशक दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन करें। 19 जुलाई को जारी इस एडवाइजरी में बरसात के मौसम में वेक्टर-जनित रोगों जैसे कि डेंगू और चिकनगुनिया के मामले बढ़ने का हवाला दिया गया है।

डेंगू की रोकथाम के लिए एडवाइजरी
डेंगू की रोकथाम के लिए जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि इन दवाइयों के इस्तेमाल से इंसान के खून में प्लेटलेट्स को नुकसान होता है, इसलिए जबतक कि रजिटर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर्स की सलाह न हो ये दवाइयां ना बेची जाएं। गौरतलब है कि इस बार दिल्ली में बारिश और बाढ़ की वजह से ऐसे रोगों का जोखिम बढ़ा हुआ है।
सलाह नहीं मानने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि इन दवाइयों की खुदरा बिक्री तत्काल रोकने की सलाह दी जाती है। इसमें दवा विक्रेताओं को चेतावनी भी दी गई है कि अगर इस सलाह की अनदेखी की जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ जताते रहे हैं चिंता
यह एडवाइजरी अगले आदेश तक लागू रहेगी। स्वास्थ विशेषज्ञ इन दवाओं के धड़ल्ले से इस्तेमाल पर चिंता जताते रहे हैं। क्योंकि, कई बार वेक्टर-जनित रोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो जाते हैं।
डेंगू के रोगियों के लिए खतरनाक
डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाओं के ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल से रोगियों में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। जबकि, डेंगू के मरीजों को पहले ही कम प्लेटलेट्स काउंट की वजह से ब्लीडिंग का जोखिम होता है। जिससे मामला हाथ से निकलने का डर रहता है।
एमसीडी की रिपोर्ट के मुताबिक 15 जुलाई तक राजधानी में कुल 163 डेंगू के केस सामने आए थे। इस बार दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ और जल भराव की समस्या भी पैदा हुई है, जिसकी वजह से इस तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ गया है।












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