दिल्ली में भाजपा सरकार के गठन के बाद 24 फरवरी से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, केजरीवाल की बढ़ सकती है मुश्किल
Delhi Assembly session 2005: दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद 24फरवरी सोमवार से दिल्ली विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है। 24 से 27 फरवरी तक चलने वाला सत्र तीन दिन का ही होगा क्योंकि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन सदन की कार्रवाई स्थगित रहेगी। भाजपा के सत्ता में आने के बाद हो रहे पहले विधानसभा सत्र में नोंकझोक और हंगामेदार हो सकता है।
दिल्ली विधानसभा सत्र की कार्यसूची जारी हुई जिसमें पूरा सत्र का पूरा शेड्यूल है। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की धड़कने बढ़ चुकी हैं क्योंकि 25 फरवरी के सत्र के बाद उनकी मुसीबत बढ़ने वाली हैं। आइए जानते हैं क्यों और कैसे?

पहले बता दें सत्र की कार्यसूची के अनुसार 24 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट में शामिल मंत्री समेत सभी नवनिर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। सभी को प्रोटेम स्पीकर अरविंद सिंह लवली शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता को स्पीकर पद के लिए चुनाव जाएगा क्योंकि विपक्ष ने अध्यक्ष पद के लिए कोई नाम प्रस्तावित नहीं किया है।
25 फरवरी को उपराज्यपाल वीके सक्सेना विधानसभा में अभिभाषण देंगे जिसमें वो दिल्ली की आप सरकार के कामकाज पर टिप्प्णी कर सकते हैं जिस पर आप विधायकों द्वारा हंगामा किया जा सकता है।
25 फरवरी को सदन में फूंटेगा CAG रिपोर्ट्स का बम
दरअसल, 25 फरवरी को CAG की 14 पेंडिंग रिपोर्ट्स को विधानसभा के पटल पर पेश किया जाएगा। कैग रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान हुई सारी गड़बडि़यों का कच्चा चिट्ठा है। जैसे आबकारी विभाग, डीटीसी, मोहल्ला क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग, और पब्लिक अंडरटेकिंग से जुड़ी रिपोर्ट्स, जिनमें केजरीवाल की सरकार में की गई गड़बड़ियों का खुलासा होगा।
यह रिपोर्ट्स 2016 से पेंडिंग हैं, और इनको पहले कभी विधानसभा में पेश नहीं किया गया। अब, जब ये रिपोर्ट्स सामने आएंगी, तो इससे केजरीवाल और आम आमदी पार्टी की मुशिकल और बढ़ सकती है और सदन में आप द्वारा हंगामा किया जाना तय है।












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