'40 दिन में 13 होटल बदले, साधुओं के आश्रमों में छिपा', गिरफ्तार चैतन्यानंद सरस्वती ने कैसे पुलिस को चकमा दिया?
Delhi Ashram Baba Godman Chaitanyananda Saraswati: दिल्ली के एक निजी संस्थान में 17 छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती की चौंकाने वाली हरकतें सामने आई हैं। जांच में खुलासा हुआ कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए 40 दिनों में 13 होटल बदल चुका था और मथुरा-वृंदावन के साधुओं के आश्रमों में शरण लेता रहा।
जुलाई में विदेश में रहने के बाद चैतन्यानंद 6 अगस्त 2025 को भारत लौटा। 4 अगस्त को दिल्ली में उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। दिल्ली पुलिस ने कई टीमें गठित कीं और उसे देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया। आखिरकार, आगरा के एक होटल से 29 सितंबर 2025 को सुबह 3:30 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

छिपने की चालाकी
जांचकर्ताओं के अनुसार, चैतन्यानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कम प्रोफाइल वाले बजट होटलों का सहारा लिया, जहां सीसीटीवी और सख्त पहचान जांच की सुविधा नहीं थी। वह अपने तीन मोबाइल फोन और आईपैड का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके। इसके बजाय, वह अपने सहयोगी के फोन से होटल बुक करता था। मथुरा और वृंदावन के आश्रमों में भी उसने साधुओं के साथ समय बिताया।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
- फर्जी दावे: चैतन्यानंद और उसके सहयोगियों ने झूठा दावा किया कि उनका प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संबंध है, जिससे उन्हें समर्थन मिलता रहा।
- फर्जी पहचान: पुलिस ने उसके पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए, जिनमें वह खुद को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) का स्थायी राजदूत, ब्रिक्स आयोग का सदस्य और भारतीय विशेष दूत बताता था। साथ ही, उसके पास दो फर्जी पासपोर्ट भी मिले-एक स्वामी पार्थ सारथी और दूसरा स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के नाम से।
- छात्राओं का उत्पीड़न: शिकायत में आरोप है कि उसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्राओं को निशाना बनाया। उसकी तीन महिला सहयोगियों ने छात्राओं को धमकाया और अश्लील संदेश डिलीट करने के लिए कहा।
- जांच में बाधा: पूछताछ में उसने सांस लेने में तकलीफ का बहाना बनाया और अपने डिवाइस के पासवर्ड साझा करने से मना कर दिया। उसके फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस हिरासत और आगे की कार्रवाई
चैतन्यानंद को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इस दौरान उसका सामना उसकी तीन महिला सहयोगियों से कराया जा सकता है। पुलिस उसे उस संस्थान में भी ले जा सकती है, जहां कथित उत्पीड़न हुआ।
क्या है मामला?
4 अगस्त 2025 को दर्ज FIR में चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। इसके बाद उसने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में उसे वापस लेकर फरार हो गया। पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद उसे आगरा से पकड़ा।
क्या करें जनता?
इस मामले ने स्वयंभू धर्मगुरुओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों से अपील है कि किसी भी व्यक्ति या संस्थान पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच करें। इस मामले में और जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।
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