Delhi AQI Today: दमघोंटू हवा की गिरफ्त में राजधानी दिल्ली, AQI 400 के पार, बिगड़ते जा रहे हालात
Delhi AQI Today: दिल्ली की सुबह आज फिर उसी धुंध से ढकी मिली, जिसने पिछले कई दिनों से शहर की सांसें थाम रखी हैं। हल्की ठंड, लगभग ठहर चुकी हवा और आसमान में घुला भूरे रंग का धुआं। इन सभी ने राजधानी को एक बार फिर ऐसा एहसास कराया जैसे शहर किसी भारी चादर के नीचे दब गया हो। लोग घरों से निकले तो हवा में मौजूद कड़वाहट तुरंत महसूस हुई।
मास्क फिर से आम हो गए हैं, और सड़क पर चलना भी आंखों में चुभन छोड़ जा रहा है। इसी बीच राजधानी का AQI सुबह 8 बजे 400 के आसपास दर्ज हुआ, जो 'severe' श्रेणी की तरफ इशारा करता है। यह लगातार सातवां दिन है जब दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंची हुई है और हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली की हवा बहुत खराब से लेकर गंभीर स्तर पर दर्ज की गई है। ऐसे हालात में सांस, आंख और गले की जलन की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।

कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर
दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया है। CPCB की Sameer ऐप के अनुसार, ये इलाके पूरे शहर में सबसे ज्यादा प्रभावित रहे:
- वजीरपुर: 477
- आनंद विहार: 427
- आरके पुरम: 424
- पंजाबी बाग: 441
- मुंडका: 441
- जहांगीरपुरी: 453
- बुरारी क्रॉसिंग: 410
- बवाना: 443
इन इलाकों में हवा में घुली जहरीली धूल और धुएं की मात्रा इतनी ज्यादा है कि कुछ ही मिनट बाहर रहने पर भी भारीपन महसूस होता है। शहर के 39 स्टेशनों में से सिर्फ लोदी रोड का AQI सबसे कम दर्ज हुआ-269-जो फिर भी 'poor' श्रेणी में ही आता है।
ये भी पढ़ें: Delhi-NCR Pollution: जब हवा बन जाए जहर, तो कैसे बचाएं बच्चों की सेहत? अपनाएं ये असरदार तरीके
AQI का मतलब
CPCB के मानकों के अनुसार:
- 301 से 400 - बहुत खराब
- 401 से 500 - गंभीर
जब AQI 'severe' स्तर तक पहुंच जाता है, तो हवा में मौजूद कण इतने अधिक हो जाते हैं कि स्वस्थ लोगों को भी परेशानी होने लगती है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक स्थिति बन जाती है।
MCD ने सख्त कदमों का आदेश दिया
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए MCD की Standing Committee ने बुधवार को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सत्या शर्मा ने की और सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों को तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया।
सड़कों की सफाई पर ज्यादा फोकस
- सभी जोन में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों को हर शिफ्ट में चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- हर दिन मशीनों की रिपोर्ट Standing Committee को भेजनी होगी।
- अगर कोई मशीन खराब होती है, तो 72 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत अनिवार्य है।
यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि सड़कों की धूल और जमा मिट्टी दिल्ली के कुल प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाती है।
24 घंटे में ढेर हटाने का आदेश
अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि:
- सड़कों पर जमा ढीली मिट्टी,
- निर्माण सामग्री,
- टूटे-फूटे मलबे,
- और किनारों पर जमा धूल
इन सभी को 24 घंटे के भीतर साफ किया जाए। MCD का कहना है कि अगर धूल का kontroll नहीं हुआ, तो सर्दियों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ये भी पढ़ें: Mumbai AQI Today: सर्दियों की दस्तक के साथ बढ़ रहा मायानगरी में प्रदूषण, किस स्तर पर है आज मुंबई का AQI?












Click it and Unblock the Notifications