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Delhi AQI 400 पार, आसमान में छाया दमघोंटू धुंध, CM रेखा गुप्ता बोलीं- पिछले सालों से प्रदूषण घटा

Delhi CM Rekha Gupta on AQI: दिवाली के दो दिन बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर घने धुंध और जहरीली हवा की चपेट में आ गई है। बुधवार, 22 अक्टूबर की सुबह दिल्लीवासियों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ के साथ की शुरुआत की।

राजधानी की हवा का स्तर बेहद खराब दर्ज किया गया। सुबह 5:30 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 345 रहा, जो 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में आता है। वहीं सुबह 6:15 बजे तक दिल्ली के कई हिस्सों में AQI 380 तक पहुंच गया।

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दिल्ली सीएम का दावा - "पिछले सालों से बेहतर स्थिति"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को लेकर कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, हमने सभी डेटा देखे हैं। अगर हम इस साल दिवाली के अगले दिन का AQI पिछले सरकारों के कार्यकाल से तुलना करें तो यह कम है। इस बार पटाखे जलाने की अनुमति दी गई थी, इसके बावजूद दिवाली और उसके अगले दिन के बीच का अंतर घटा है। यह प्रदूषण में कमी की ओर इशारा करता है। सरकार दिल्ली के लिए जो भी संभव है, वो कर रही है।

मुख्यमंत्री के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार का मानना है कि इस बार वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला है, भले ही कुल स्तर अभी भी 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है।

इन क्षेत्रों का हाल-बेहाल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे बवाना में AQI 423, जहांगीरपुरी में 407 और वजीरपुर में 408 दर्ज किया गया - ये सभी इलाके 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में हैं। वहीं आनंद विहार में AQI 358, अशोक विहार 389, बुराड़ी क्रॉसिंग 399, चांदनी चौक 350, IGI एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) 302, ITO 342, लोदी रोड 322, मुंडका 366, नजफगढ़ 336, नरेला 358, पटपड़गंज 342 और पंजाबी बाग 376 दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों की हवा भी 'बहुत खराब' श्रेणी में मानी जाती है।

क्या कहते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने के साथ-साथ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में पराली जलाने से भी दिल्ली की हवा पर असर पड़ा है। हवा की गति धीमी होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के पास ही जमा हो जाते हैं, जिससे AQI तेजी से बढ़ जाता है।

पर्यावरण वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में हालात चिंताजनक हैं। अगर हवा की दिशा और रफ्तार में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। दिल्ली में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) लागू है, जिसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल वाहनों की सीमित आवाजाही और सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

लोगों से अपील - घर से कम निकलें, मास्क पहनें

सरकारी एजेंसियों और डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि सुबह और देर शाम के समय खुले में व्यायाम से बचें और N95 मास्क का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को सांस की समस्या या अस्थमा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हर साल दिवाली के बाद एक बड़ी चिंता का विषय बन जाता है। सरकार और एजेंसियों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। इस बार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दावों से भले ही कुछ राहत की उम्मीद दिखे, लेकिन जमीनी स्तर पर हवा की गुणवत्ता अब भी खतरनाक बनी हुई है।

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