दिल्ली की हवा में बढ़ा प्रदूषण, डीजल जेनरेटर पर लगा बैन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पर्यावरण प्रदूषण निवारण और नियंत्रण प्राधिकरण ने डीजल जनरेटर चलाने को बैन कर दिया है। अब सिर्फ मेट्रो और अस्पतालों में ही डीजल के जेनरेटर का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पर्यावरण प्रदूषण निवारण और नियंत्रण प्राधिकरण ने कहा है कि राजधानी में हवा में प्रदूषण का स्तर 'रेड जोन' पहुंच चुका है। ऐसे में डीजल जनरेटर का धुंआ और भी ज्यादा नुकसानदेह होगा। प्राधिकरण ने बढ़ते प्रदूषण के चलते ये फैसला किया है। अगले साल मार्च तक दिल्ली में डीजल जेनरेटर को बैन किया गया है। इसके अलावा बदरपुर पॉवर प्लांट को भी बंद कर दिया गया है।

दिल्ली सरकार ने ध्वनि प्रदूषण के लिए भी कई नियम लागू किए गए हैं। दिल्ली में अगर कोई आईएसबीटी बस अड्डे पर तेज हॉर्न बजाता है तो उसे 500 रुपए का जुर्माना देना होगा। इसके अलावा दिल्ली के बस अड्डों पर अगर कंडक्टर ने जोर से आवाज लगाकर सवारी बुलाई तो उस पर भी 100 रुपए का जुर्माना लगेगा। दरअसल दिल्ली में लोग वायु प्रदूषण से पहले से ही परेशान थे लेकिन अब ध्वनि प्रदूषण ने भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। जिसके लिए बेवजह हॉर्न बजाने को काफी हद तक जिम्मेदार माना गया है।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (डीटीआईडीसी) ने 9 अक्टूबर को ये आदेश जारी किया है। जो अब अमल में आ चुका है। देश में अपनी तरह का ये पहला आदेश है। गौरतलब है कि इस आदेश के अंतर्गत तीन आईएसबीटी आते हैं। कश्मीरी गेट आईएसबीटी, सराय काले खां आईएसबीटी, आनंद विहार आईएसबीटी जिस पर ये नियम लागू है।












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