दिल्ली रेलवे स्टेशन पर करंट से हुई महिला की मौत लेकिन घटना से नहीं लिया गया सबक, अभी भी खुले पड़े बिजली के तार

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 35 वर्षीय शिक्षक साक्षी आहूजा की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के एक दिन बाद ऐसा लगा कि इस घटना से कोई सबक नहीं लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 25 जून को हादसे के बाद 26 जून को दिल्ली के दो सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर बिजली जंक्शन बक्से खुले दिखाई दिए।

रेलवे स्टेशन पर अभी भी बिजली जंक्शन बॉक्स की हालत खराब दिखाई दी। कहीं पर खुले हुए तार को ढ़कने के लिए कार्डबोर्ड का इस्तेमाल किया गया है तो कहीं टेप से चिपकाया गया है।

delhi railway station electrocution

टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट में दावा किया है कि उन्होंने हादसे के एक दिन बाद दिल्ली के दो सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों का दौरा किया, जहां बिजली जंक्शन बक्से अभी भी खुले हुए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में जहां महिला की मौत हुई, उसके पास ही एक जंक्शन बॉक्स प्लास्टिक बोर्ड के टुकड़े से ढका हुआ पाया गया।

कैब ड्राइवर एम के तिवारी के मुताबिक बिजली जंक्शन बॉक्स को ढ़कने की कोशिश महिला की मौत के बाद की गई है। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय, घटनास्थल के पास एक पानी भर गया था और पानी निकलने के लिए बनाई गई प्वाइंट पर कचरा भरा हुआ था। जिसे टैक्सी और ऑटोरिक्शा ड्राइवरों ने एक पुलिसकर्मी के साथ मिलकर साफ किया था और कचरा हटाया था।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यह लापरवाही बिजली ट्रांसमिशन पोल तक ही सीमित नहीं थी। स्टेशन के एंट्री गेट के पास ही एक अन्य पोल पर प्लास्टिक का टेम्परेरी बोर्ड लगा था। पार्किंग एरिया में एक जंक्शन बॉक्स तार से बंधे बोर्ड के टुकड़ों से ढका हुआ था। पोल के पास बिजली के खुले तार भी दिखाई दिए।

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी ऐसा ही है हाल!

रिपोर्ट के मुताबिक कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुछ लोगों ने दावा किया कि अधिकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की करंट हादसे के बाद जंक्शन बक्सों और तारों को ढंकना शुरू कर दिया है। लेकिन फिर भी स्टेशन के आसपास कई ढीले बिजली के तार दिखाई देखे गए हैं।

करंट लगने की घटना पर क्या बोले यात्री...?

एक महिला यात्री शांति देवी, जो सोमवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि रविवार को दुखद घटना के बारे में जानने के बाद, वह रेलवे स्टेशन पर चलते समय बहुत सतर्क थीं। उन्होंने यह भी कहा कि ये सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि स्टेशन पर सभी यात्री सुरक्षित हैं।

एक अन्य यात्री आनंद सिंह ने कहा कि करंट लगने की खबर सुनने के बाद वह चिंतित और भयभीत थे, इसलिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि सोमवार को बारिश नहीं हुई। फिर भी उन्होंने अपने परिवार को मेटल की वस्तुओं को छूने से बचने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "शहर के रेलवे स्टेशनों पर लाखों यात्री आते हैं और ऐसी दुर्घटनाएं किसी के साथ भी हो सकती हैं।"

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