केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ याचिका पर संविधान पीठ करेगी सुनवाई, SC ने दिया आदेश
दिल्ली सरकार की केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ याचिका पर अब पांच जजों की पीठ सुनवाई करेगी। अदालत ने याचिका को पीठ के पास रेफर कर दिया है।
दिल्ली सरकार केंद्र के अध्यादेश खिलाफ याचिका पर अहम निर्णय लिया। याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने पांच जजों वाली संविधान पीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि मामले को संविधान पीठ के पास भेजने की आवश्यता नहीं है। उन्होंने इसको लेकर कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात कही थी। लेकिन गुरुवार (20 जुलाई) को दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अंत में पांच जजों वाली संविधान पीठ के पास इस याचिका को सुनवाई के लिए भेजने का निर्णय लिया।
इससे पहले केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी वीके सक्सेना को साथ बैठकर डीईआरसी प्रमुख के पद के लिए नामों पर विचार-विमर्श करने को कहा था। सीजेआई ने कहा कि वे संवैधानिक पदाधिकारी हैं। उन्हें कलह से ऊपर उठना होगा। उन्हें एक साथ बैठना चाहिए।

याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि मैं एलजी के पक्ष से हूं, मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि उन्हें इससे मामला सुलझने की उम्मीद नहीं है।
याचिका संविधान पीठ को याचिका भेजे जाने के बाद दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई की मांग की। इस पर उत्तर देते हुए चीफ जस्टिस ने आदेश को शाम तक अपलोड करने की बात कही।












Click it and Unblock the Notifications