अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर बीजेपी का रिएक्शन, कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा दिल्ली के पूर्व मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजकुमार चौहान के दिल्ली कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक के बाद पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है। लवली के इस्तीफे पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दिल्ली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा,"...कांग्रेस पार्टी के पास कोई मिशन या विजन नहीं है, यह केवल भ्रम, विभाजन और विरोधाभास में डूबी हुई है। हमने देखा है कि यह कैसे हुआ है विशेषकर दिल्ली में, जब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे कि ऐसे लोगों को टिकट क्यों दिए गए जिनका दिल्ली से कोई लेना-देना नहीं है, जैसे कि कन्हैया कुमार, जिन्होंने सशस्त्र बलों को गाली दी और नक्सलियों को बुलाया।"
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उन्होंने आगे कहा, "शहीदों के रूप में... आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वे शीला दीक्षित और सोनिया गांधी को जेल में डालेंगे। कांग्रेस ने शिकायत की थी कि आम आदमी पार्टी किस तरह शराब घोटाले में शामिल है। अब दोनों एक साथ आए हैं, इसका मतलब यह नहीं कि मतदाता एक साथ आएंगे... आज कांग्रेस अपने नेताओं को बरकरार नहीं रख पा रही है क्योंकि उसके अपने ही नेता कांग्रेस को उसके पाखंड के लिए आईना दिखा रहे हैं...''
#WATCH | On Arvinder Singh Lovely's resignation as the Delhi Congress Committee President, BJP leader Shehzad Poonawalla says, "...The Congress party has no mission or vision, it is only seeped in confusion, division, and contradiction. We have seen how this has been playing out,… pic.twitter.com/D3g3gOuS4o
— ANI (@ANI) April 28, 2024
बता दें, अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन से खुश नहीं थे। लवली ने अपने इस्तीफे में लिखा, "दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, जो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर बनी थी। इसके बावजूद, पार्टी ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।"
नेताओं ने दिखाया समर्थन
लवली के इस्तीफे की खबर आते ही कई कांग्रेस नेता उनके आवास पर पहुंचे। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष संदीप दीक्षित ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लवली को "दिल्ली में हमारी पुरानी प्रतिष्ठा वापस लाने के लिए संघर्ष करने" का "व्यक्तिगत दर्द" है।
दीक्षित ने कहा, "इसके बावजूद, उन्होंने पिछले 6-8 महीनों में कड़ी मेहनत की और पार्टी बनाई... सभी को लगा कि कांग्रेस धीरे-धीरे जाग रही है और जब हमें 2 या 3 सीटें मिलीं तो लगा कि अगर हम कांग्रेस के सभी लोगों की सहमति से सीटें देंगे तो भविष्य में काम बेहतर होगा।''
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