नई मुश्किल में फंसे अरविंद केजरीवाल, जानें क्यों दिल्ली के LG ने की NIA जांच की मांग
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के खिलाफ एक और बड़ा आरोप लगा है। मामले को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने केंद्रीय गृहमंत्रालय एक पत्र भेजा है। सक्सेना ने आशू मोंगिया नाम के एक व्यक्ति की ओर सीए केजरीवाल के खिलाफ की गई शिकायत की जांच की मांग की है।
दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर एक और बड़ा आरोप लगा है। इस बार दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने केजरीवाल के खिलाफ जांच की मांग की है। एलजी ने इसके साथ मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय से एनआईए जांच की मांग की है।

सीएम केजरीवाल पर क्या हैं आरोप?
दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना की ओर केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेजे गए पत्र में एक शिकायत को लेकर एक वीडियो का हवाला दिया गया है। इस वीडियो में कथित तौर पर सिख फॉर जस्टिस के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नून को दिखाया गया है। दावा किया गया है कि AAP को 2014 और 2022 के बीच खालिस्तानी समूहों से 16 मिलियन डॉलर की भारी फंडिंग मिली। आरोप लगाया गया है कि 2014 में, अरविंद केजरीवाल ने न्यूयॉर्क के गुरुद्वारा रिचमंड हिल्स में खालिस्तानी समर्थक सिखों के साथ एक गुप्त बैठक में हिस्सा लिया था।
एलजी सचिवालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखे एक पत्र में कहा, विश्व हिंदू महासंघ, भारत के राष्ट्रीय महासचिव मोंगिया से प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आप को प्रतिबंधित 'सिख फॉर जस्टिस' सहित चरमपंथी खालिस्तानी समूहों से पर्याप्त धन मिला है।
इस बैठक के दौरान, केजरीवाल ने कथित तौर पर खालिस्तानी गुटों से AAP को वित्तीय सहायता के बदले में एक दोषी आतंकवादी देवेंदर पाल भुल्लर की रिहाई की सुविधा देने का वादा किया था।
वहीं दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को निशाने पर लिया है। आप नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "यह भाजपा के इशारे पर केजरीवाल के खिलाफ एक और साजिश है। बीजेपी नेता दिल्ली की सभी सात सीटों हार रहे हैं, ऐसे में वे डर से घबरा गए हैं।"












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