उपराज्यपाल से मिलने उनके आवास पहुंचे अरविंद केजरीवाल, बोले- मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं
उपराज्यपाल से मिलने उनके आवास पहुंचे अरविंद केजरीवाल, बोले- मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं
दिल्ली, 29 जुलाई: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार 29 जुलाई को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। अरविंद केजरीवाल ने न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में बताया कि साप्ताहिक बैठक के वो उपराज्यपाल के आवास पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छे वातावरण में हमारी मीटिंग हुई है। सीएम ने कहा कि हमारे बीच मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं है।

सीएम केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एलजी (उपराज्यपाल) से पानी, साफ-सफाई, बिजली और कई मुद्दों को लेकर हमारी चर्चा हुई। इसी तरह से मिल कर काम करते रहेंगे जिस तरह से अभी तक करते आए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर हमारे विचारों में मतभेद हो सकता है। मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं है। वह एलजी हैं और मैं सीएम हूं। मुद्दों पर हमारी अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन हम उन मुद्दों को चर्चा के माध्यम से सुलझाएंगे और मिलकर काम करेंगे। दिल्ली के लिए जरूरी है कि सीएम और एलजी एक साथ काम करें।
वहीं, सिंगापुर में होने वाले वर्ल्ड सिटीज समिट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हो सकेंगे। इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया था। इस बयान में कहा गया था कि उपराज्यपाल और केंद्र से जरूरी अनुमति मिलने में बहुत अधिक समय लग गया। इस कारण उनकी सिंगापुर यात्रा नहीं हो पाएंगी। क्योंकि 20 जुलाई तक सिंगापुर यात्रा की सारी औपचारिकताएं पूरी करनी थी, लेकिन एलजी ने फाइल 21 जुलाई को वापस लौटाई गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में दिल्ली सरकार की तरफ से औपचारिक बयान जारी कर केंद्र सरकार को दोषी ठहराया गया है। दिल्ली की तरफ से कहा गया है कि 'एलजी को यात्रा की अनुमति संबंधी फाइल 7 जून को भेज दी गई थी, करीब डेढ़ महीने एलजी चुप बैठे रहे और 21 जुलाई को फाइल वापस लौटा दी। जबकि यात्रा संबंधित सभी औपचारिकताएं 20 जुलाई तक पूरी होनी थी, लेकिन फाइल 21 जुलाई को वापस लौटाई गई।
वर्ल्ड सिटीज समिट में शामिल होने मिला था निमंत्रण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बीते दिनों सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले वर्ल्ड सिटीज समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद सिंगापुर की यात्रा के लिए दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल से अनुमति मांगी। 21 जुलाई को उपराज्यपाल ने यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया कि सम्मेलन शहरों के मेयर का है, मुख्यमंत्री के पद के अनुरूप नहीं है।












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