दम घोंटती दिल्ली की हवा: LNJP अस्पताल में 15% बढ़े सांस संबंधी मरीज, कोरोना बढ़ने का भी खतरा
नई दिल्ली, 13 नवंबर। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स में शनिवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी गैस चैंबर बनी दिल्ली-एनसीआर पर केंद्र और केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए लॉकडाउन लगाने की सलाह दी। वहीं राजधानी में खराब हवा की वजह से अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। एलएनजेपी अस्पताल में दिवाली के बाद से 10-15 फीसदी सांस संबंधी मरीज बढ़े हैं।

दिल्ली में शनिवार को धुंध छाई रही और सुबह तक शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 499 दर्ज किया गया, जो कि 'गंभीर' श्रेणी के तहत आता है। पीएम 10 का स्तर और पीएम 2.5 का स्तर इमरजेंसी स्तर को पार कर गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते सांस संबंधी मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। एलएनजेपी अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि दिवाली के बाद हॉस्पिटल में करीब 10-15 फीसदी और मरीज भर्ती हुए। हर दिन 4-5 बच्चों को एलर्जी, अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ के साथ भर्ती कराया जाता है, क्योंकि उनके फेफड़ों की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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डॉ. सुरेश कुमार ने आगे कहा, 'प्रदूषण का स्तर बड़ी चिंता का विषय है। इससे बुजुर्गों, स्कूल जाने वाले बच्चे, वे मरीज जिन्हें सांस की तकलीफ है या वे मरीज जिन्हें पहले कोविड हो चुका है, उनकी समस्या बढ़ गई है। जब हवा प्रदूषित होती है तो कोरोना वायरस सहित सभी वायरस लंबे समय तक वातावरण में रहते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, साधारण 3-लेयर मास्क प्रदूषित हवा में 65-95% कणों को कम करते हैं।' इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रदूषण पर उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार कुछ बड़ा कदम उठा सकती है।












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