AAP ने दिल्ली जल संकट को लेकर एलजी आफिस के बयान को बताया भ्रामक, मीटिंग का वीडियो साक्षा किया जाने की मांग
दिल्ली में चल रहे जल संंकट के बीच दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल एक बार फिर आमने सामने आ चुके हैं। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में जल संकट मुद्दें पर एलजी ऑफिस की ओर से जो प्रेस बयान जारी किया गया है कि वो बहुत ही "भ्रामक" है। इसके साथ उन्होंने मांग की कि उपराज्यपाल के साथ जो बैठक हुई उसका वीडियो सार्वजनिक किया जाए।
दिल्ली की जल मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को उपराज्यपाल से मुलाकात की थी जिसके बाद आतिशी ने कहा कि उपराज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह हरियाणा सरकार से बात करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिल्ली को मुनक नहर के माध्यम से 1,050 क्यूसेक पानी मिले।

इस मुलाकात के बाद उपराज्यपालल कार्यालय से एक प्रेस बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया दिल्ली एलजी वीके सक्सेना ने मंत्रियों को आश्वासन दिया कि वे हरियाणा सरकार के साथ पानी की आपूर्ति के मुद्दे को सुलझाएंगे और मानवीय आधार पर अतिरिक्त पानी की मांग करेंगे। सक्सेना ने मंत्रियों को आरोप-प्रत्यारोप से बचने और पानी की बर्बादी रोकने की भी सलाह दी।
एलजी के इस बयान के बाद दौरान भारद्वाज ने एक प्रेस कान्फ्रेंस की और उसमें उन्होंने कहा कि प्रेस स्टेटमेंट में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है।यह दुर्भाग्यपूर्ण है, उन्होंने आरोप लगाया कि एलजी आफिस बयान भ्रामक है और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया गया कि तीन वीडियो कैमरों में बैठक की कार्यवाही रिकॉर्ड की। उन्होंने कहा इस रिकार्डिेग को कृपया सार्वजनिक करें। लोगों को देखने दें कि मंत्रियों और एलजी के बीच क्या बातचीत हुई। वह इसे सार्वजनिक नहीं कर सकते क्योंकि लोगों को सच्चाई पता चल जाएगी।
मोबाइल बाहर रखने को कहा गया
भारद्वाज ने यह भी बताया कि एलजी सचिवालय पहुंचने पर सुरक्षाकर्मियों ने उनसे और आतिशी से अपने फोन बाहर छोड़ने को कहा। भारद्वाज ने बताया, "हमें अपने फोन बाहर रखने को कहा गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने हमें उन्हें अंदर लाने की इजाजत दी। जब हमने एलजी साहब को बताया तो उन्होंने माफी मांगी और कहा कि यह गलतफहमी थी।"












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