Delhi News: आगे बढ़े MCD वार्ड समिति का चुनाव, AAP पार्षदों की मांग, दिल्ली HC भी पहुंचा मामला
Delhi News: आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने नामांकन दाखिल करने के लिए अपर्याप्त समय का हवाला देते हुए वार्ड समिति के चुनावों को रीशेड्यूल करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है। पार्षदों का तर्क है कि नोटिस की तारीख और नामांकन की अंतिम तिथि के बीच का समय 'बेहद अनुचित' है।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 4 सितंबर को जोनल स्तरीय वार्ड समिति के चुनाव तय किए हैं, जिसके लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अगस्त है। ये चुनाव स्थायी समिति के गठन के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो एमसीडी का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जो 5 करोड़ रुपए और उससे अधिक के व्यय वाले प्रस्तावों को मंजूरी देता है।
दक्षिण पुरी वार्ड से आप पार्षद प्रेम चौहान ने एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार को लिखे पत्र में अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'सर, मैं इस समय बुखार और कमजोरी से पीड़ित हूं और मुझे पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए समय चाहिए। इसके अलावा, अगर मैं ठीक भी हो जाता हूं, तो भी नोटिस की तारीख और नामांकन की अंतिम तिथि के बीच केवल 1 दिन का समय देना बेहद अनुचित है, क्योंकि इसके लिए बहुत सी चीजें करनी होंगी, जो केवल 1 दिन में संभव नहीं है।'
मेयर शैली ओबेरॉय को लिखे एक अन्य पत्र में, डाबरी वार्ड से आप पार्षद तिलोत्तमा चौधरी ने इतने कम समय में दिल्ली वापस लौटने में अपनी असमर्थता का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, 'मैडम, मैं इस समय दिल्ली में नहीं हूं और मेरे लिए इतने कम समय में दिल्ली वापस लौटना संभव नहीं है।' उन्होंने एक दिन की समय-सीमा को 'बेहद अनुचित' बताया और चुनावों को पुनर्निर्धारित करने का अनुरोध किया।
एमसीडी में विपक्ष के नेता राजा इकबाल सिंह ने आप पर स्थायी समिति के गठन को रोकने के लिए देरी की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'शुरू में आप ने स्थायी समिति में तीन भाजपा सदस्यों की जीत के मुद्दे पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद आप ने उपराज्यपाल की ओर से एल्डरमैन की नियुक्ति को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती भी दी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने एलजी के फैसले को बरकरार रखा। जब सारे रास्ते बंद हो गए, तो मेयर को मजबूर होकर वार्ड समितियों और स्थायी समिति के लिए चुनाव कराने के आदेश देने पड़े।'
सिंह ने आगे कहा कि अब जबकि एमसीडी के 12 जोनों में 4 सितंबर को गुप्त मतदान के जरिए वार्ड समिति के चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, तो आप नेता अपने पार्षदों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल करके उसमें देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। इन चुनावों को स्थगित करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की गई है।












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