AAP प्रमुख केजरीवाल ने पूछा- दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे या सड़कों पर कुत्ते गिनेंगे?
दिल्ली की भाजपा सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती और निगरानी की जिम्मेदारी दिए जाने के आदेश पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आदेश सामने आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
केजरीवाल का सवाल-पढ़ाएंगे बच्चे या गिनेंगे कुत्ते?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे या फिर सड़कों पर आवारा कुत्ते गिनेंगे? केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का यह आदेश उसकी सोच और प्राथमिकताओं को बेनकाब करता है। उनके मुताबिक, भाजपा के लिए शिक्षा कोई अहम मुद्दा नहीं है और यह आदेश शिक्षकों का अपमान करने जैसा है।

AAP सरकार के कार्यकाल का किया जिक्र
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब शिक्षकों को सम्मान दिया गया और उन पर से गैर-जरूरी कामों का बोझ हटाया गया था। बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार हुआ और शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश तक भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार इन सुधारों को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश की कॉपी साझा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार रोज़ नए-नए अनर्गल आदेश निकाल रही है। अब शिक्षकों पर आवारा कुत्तों की जिम्मेदारी डाल दी गई है। सवाल यह है कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे या कुत्तों की निगरानी करेंगे?
आदेश में क्या कहा गया है?
सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, आदेश में साफ तौर पर लिखा है कि शिक्षकों की ड्यूटी स्ट्रीट डॉग्स की निगरानी करने की भी होगी। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि कुत्तों की नसबंदी हो और वे स्कूल कैंपस के अंदर प्रवेश न करें। AAP का आरोप है कि इस तरह के आदेश शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं।
AAP ने भाजपा सरकार पर लगाए आरोप
AAP नेताओं का कहना है कि उनकी सरकार के दौरान स्कूलों से जुड़े तकनीकी और रखरखाव के कामों के लिए अलग से स्टेट मैनेजर नियुक्त किए गए थे, ताकि शिक्षक केवल पढ़ाने पर ध्यान दे सकें। इसके उलट भाजपा सरकार शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां डालकर उनका अपमान कर रही है। इस फैसले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं।












Click it and Unblock the Notifications