Kamal nath के गढ़ छिंदवाड़ा में ऐसा बनेगा 'श्री हनुमान लोक', शिवराज सरकार की सौगात, बिखरेगी अलौकिक छटा
Shri Hanuman Lok: चुनावी साल में मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार एक के बाद एक बड़े दांव चलती आ रही हैं। अब प्रदेश में कांग्रेस का सबसे ताकतवर गढ़ माने जाने वाला 'छिंदवाड़ा' निशाने पर हैं। यहां के प्रसिद्द जामसांवली हनुमान मंदिर को 'श्री हनुमान लोक' का रूप देने का न सिर्फ फैसला लिया गया, बल्कि सीएम ने निर्माण विकास कार्य का भूमि-पूजन भी कर दिया।
उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 'हनुमान लोक' निर्माण में भी भव्यता प्रदान करने कई अत्याधुनिक सुविधाओं को जोड़ा गया हैं। राम भक्त हनुमान की बाल लीलाओं के चित्रण से लेकर रामलीला सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए ओपन थिएटर का भी निर्माण होगा।

'हनुमान' के भक्ति रूपों की मूर्तियां
छिंदवाड़ा में बन रहे "श्री हनुमान लोक" में प्रथम चरण में मराठवाड़ा वास्तुकला से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वार से भगवान के विराट स्वरूप की छवि दिखेगी। मुख्य प्रवेश द्वार से प्रथम प्रांगण तक 500 मीटर लंबा चिरंजीवी पथ बनेगा। चिरंजीवी पथ और प्रथम प्रांगण के 90 हजार वर्गफुट क्षेत्र में कलाकृतियों के माध्यम से अंजनी पुत्र हनुमान जी के बाल स्वरूप का मनोहारी चित्रण होगा। लगभग 62 हजार वर्गफुट क्षेत्र में मूर्तियों और कलाकृतियों के माध्यम से भक्त-शिरोमणी हनुमान जी के भक्ति स्वरूप का चित्रण भी होगा।
नदी तट का सौंदर्यीकरण, कमांड सेंटर और पार्किंग
श्री हनुमान लोक समीप बहने वाली नदी तट के सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था बनाई जाएगी। कम्युनिटी सेंटर, जन सुविधाएं, ट्रस्ट ऑफिस, प्रशासनिक कार्यालय और कंट्रोल रूम आदि 37 हजार वर्गफुट में निर्मित किया जाएगा। प्रसाद-पूजन सामग्री और भोजन की व्यवस्था के लिए 120 दुकान एवं फूड कोर्ट बनेंगे। लगभग 400 चार पहिया और 400 दो पहिया वाहनों की क्षमता के लिए डेढ़ लाख वर्गफुट क्षेत्र में पार्किंग विकसित की जाएगी।
मुक्ताकाश मंच ओपन थिएटर का निर्माण
धार्मिक आयोजनों के लिए जलाशय के तट पर 12 हजार वर्गफुट क्षेत्र में मुक्ताकाश मंच बनेगा, संजीवनी बूटी लाने वाले भगवान के संकटमोचक स्वरूप से प्रेरणा लेकर परिसर में आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी बनाया जाएगा। ताकि यहां आने वाले वक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकें।
सेकेंड फेज में संजीवनी पथ का विकास
द्वितीय चरण में रामटेकरी पर्वत की परिक्रमा के लिए संजीवनी पथ का विकास, अष्टसिद्धि केंद्र और संस्कृत विद्यालय, योगशाला प्रवचन हॉल, ओपन एयर थियेटर, जाम नदी पर घाट निर्माण, वॉटर फ्रंट पाथ वे, सिटिंग एरिया, भक्त निवास, भोजनालय, गौशाला का निर्माण होगा।












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