जानिए कौन है दीपक सक्सेना, जो थाम सकते हैं भाजपा का दामन, CM मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय ने की मुलाकात
Chhindwara News: मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी और पूर्व प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना भाजपा का दामन थाम सकते है। क्योंकि आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनसे मुलाकात की है।
बता दे दीपक सक्सेना ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था इसके बाद से ये अटकलें लगाई जा रही थी कि दीपक सक्सेना कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। बीच-बीच में उनको कांग्रेस नेताओं द्वारा मनाने की खबरें भी सामने आई, लेकिन वह नहीं माने।

लोकसभा चुनाव 2024 में पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना का गृह ग्राम रौहना राजनीति का केंद्र बन चुका है। बुधवार को भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू के नामांकन फॉर्म भरने के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और अन्य नेता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने काफी देर तक सीएम मोहन यादव से चर्चा की। बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी रोहना गए थे और काफी देर तक चर्चा की थी। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद से ही उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कौन है दीपक सक्सेना
दीपक सक्सेना ने 2018 विधान सभा चुनाव में छिंदवाड़ा विधान सभा क्षेत्र से विजयी होकर जीत हासिल की थी। कमल नाथ के सीएम बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया था और प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था। उन्हें जिले में तीसरे सबसे ताकतवर नेता के रूप में जाना जाता था और उनके काम की प्रशंसा की जाती थी।

बीते कुछ दिनों से पार्टी से नाराज
दीपक सक्सेना, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के करीबी, बीते कुछ दिनों से पार्टी से नाराज चल रहे थे। उनके छोटे बेटे जय सक्सेना हाल ही में भाजपा में शामिल होने भोपाल गए हैं। दीपक सक्सेना ने 2018 विधान सभा चुनाव में छिंदवाड़ा विधान सभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी, लेकिन कमल नाथ के सीएम बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया था।
छिंदवाड़ा में भाजपा को मिलेगा फायदा
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दीपक सक्सेना अगर भाजपा में शामिल होते है तो ये कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा एकमात्र ऐसी सीट है जहां पर कांग्रेस का दबदबा माना जाता है। लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। जिसके बाद से इस सीट को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह कम नजर आ रहा है।












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