CG: नक्सलवाद के खिलाफ अनोखी मुहीम, 5 नवंबर को होगा बस्तर ओलंपिक का आगाज़, पहाड़ी मैना और वन भैंसा बने शुभंकर
Bastar Olympics 2024: छत्तीसगढ़ में माओवादियों की विचारधारा को नुकसान पहुंचाने के लिए एक अनोखा आयोजन हो रहा है। बस्तर क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने 5 नवंबर से 10 दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर पर हो रहा है। इस वर्ष 11 खेल विधाओं के अंतर्गत प्रतिस्पर्धाएं होंगी।
एथलेटिक खेलों में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, और रिले रेस शामिल हैं। इसके अलावा तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, व्हॉलीबॉल और रस्साकसी भी खेलों की सूची में हैं।

पहाड़ी मैना बना शुभंकर
सीएम विष्णुदेव साय ने शनिवार को रायपुर में "बस्तर ओलंपिक 2024" के लोगो (प्रतीक चिन्ह) और मस्कट (शुभंकर) का अनावरण किया। बस्तर ओलंपिक के लोगो में बस्तर की संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई जा रही है। वहीं इस ओलंपिक के मस्कट (शुभंकर) के तौर में पहाड़ी मैना और वन भैंसा को चुना गया है, जो वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता जगाने के लिए समर्पित है।
सीएम विष्णुदेव साय ने कही यह बात
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को बस्तर में बीते 9-10 माह में शांति स्थापित करने में काफी हद तक सफलता मिली है, इसमें केंद्र सरकार का खास योगदान रहा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन युवाओं को समाज और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के मकसद से किया जा रहा है। बस्तर में खेल बेहद लोकप्रिय हैं यही कारण है कि ओलंपिक खेलों के लिए अपेक्षा से अधिक 1 लाख 65 हजार से अधिक नागरिकों ने अपना पंजीयन कराया है, जो यह दर्शाता है कि इस इलाके के लोग भी शांति चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं।
हॉकी और वेटलिफ्टिंग का सीधा जिला स्तर से प्रारंभ
हॉकी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं सीधे जिला स्तर से प्रारंभ होंगी, जबकि अन्य खेल विकासखण्ड स्तर से आयोजित किए जाएंगे। रस्साकसी प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में सीनियर वर्ग में महिलाओं के लिए आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में जूनियर और सीनियर वर्ग के बालक, बालिका, महिला और पुरुष भाग लेंगे।
विशेष प्रोत्साहन दिव्यांगों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए
नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांग व्यक्तियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए उनकी प्रतिभागिता संभाग स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
व्यापक प्रचार-प्रसार की तैयारी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विकासखण्ड से संभाग स्तर तक आयोजन समितियों का गठन किया जा चुका है। सभी संबंधित विभागों ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। बस्तर क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राजधानी, जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
विकासखण्ड स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को प्रमाण पत्र एवं शील्ड/मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे। जिला और संभाग स्तर पर भी विजेताओं को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं शील्ड/मोमेंटो दिया जाएगा। नगद राशि डी.बी.टी. के माध्यम से विजेताओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। संभाग स्तर के विजेता को 'बस्तर का यूथ आइकॉन' के रूप में स्थापित किया जाएगा।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़: अग्निवीर भर्ती रैली के लिए एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड












Click it and Unblock the Notifications