छत्तीसगढ़: आदिवासी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या, पुलिस को घटना का पता ही नहीं था!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा के जंगल में आदिवासी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से सनसनी फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को इस मामले का पता तब चला जब कुछ लोग इस हत्याकांड में खुद को बेगुनाह बताते हुए थाने पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने इस मामले की छानबीन की तो एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या होने की बात सामने आई। कोरबा जिला मुख्यालय से साठ किलोमीटर दूर लेमरू थाना क्षेत्र के बरपानी गांव के झकरी राम, उसकी बेटी और रिश्तेदार की बेटी की सिर कुचलकर कोसगाई के जंगल में हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। एएसपी कीर्तन राठौर ने कहा कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

बरपानी गांव के लोगों के मुताबिक, 30 जनवरी से ही इस परिवार के लोग लापता थे। उनकी हत्या किए जाने की चर्चा गांव में हो रही थी। 55 साल के झकरी राम, 16 साल की बेटी ननकी बाई और रिश्तेदार की बेटी सत्यवती की हत्या किए जाने की घटना की जानकारी पुलिस को नहीं थी। गांव में हो रही चर्चाओं से डरकर आरोपी संतराम समेत अन्य कुछ लोग थाने पहुंच गए और इस मामले में खुद को बेगुनाह बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि 1 फरवरी को संतराम और अन्य आरोपियों ने इस हत्याकांड में खुद को फंसाए जाने की बात कही। पुलिस घटना के बारे में जानकर चौंक गई। पुलिस उनके साथ जंगल में गई तो वहां दो की मौत हो चुकी थी जबकि ननकी बाई की सांस चल रही थी। अस्पताल जाते-जाते उसने भी दम तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। झकरी राम की पत्नी फिलहाल लापता है और उसे इस घटना का चश्मदीद माना जा रहा है।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि संतराम के यहां झकरी राम काम करता था और यह मामला पैसे के लेन-देन के विवाद का लग रहा है। संतराम और उसके साथियों ने मिलकर तीनों की हत्या की है। एएसपी कीर्तन राठौर ने कहा है कि इस मामले का खुलासा जल्दी ही किया जाएगा।












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