फरार संत कालीचंद ने वीडियो जारी कर कहा- गांधी को अपशब्द कहने का अफसोस नहीं, गोडसे को प्रणाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाल ही में खत्म हुआ धर्म संसद इन दिनों विवादों में घिर गया है। राष्ट्रपित महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देने वाले संत कालीचरण ने एक बार फिर वीडियो जारी कर अपशब्द कहा है। वीडियो में संत कालीचरण ने कहा कि गांधी को अपशब्द कहने के लिए मुझ पर FIR हुई है, मुझे उनका कोई पश्चताप नहीं है। मैं गांधी से नफरत करता हूं। मेरे ह्रदय में गांधी के प्रति तिरस्कार है। इसके अलावा संत कालीचरण ने गोडसे को महात्मा बताते हुए कहा कि मैं गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं उनके चरणों में मेरा साष्टांग प्रणाम है।

sant kalicharan statement through video and said again about mahatma gandhi

रायपुर की धर्म संसद में महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देने वाले संत कालीचरण फरार हो गए थे। सोमवार की देर रात को कालीचरण ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। करीब 8 मिनट 51 सेकेंड के इस वीडियो में संत कालीचरण ने कई तरह की बात की।

वीडियो में संत कालीचरण ने कहा कि गांधी की वजह से ही सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रधानमंत्री नहीं बने। अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रधानमंत्री बनते को आज भारत अमेरिका से बड़ी पावर बन सकता था। कोई राष्ट्र का पिता नहीं हो सकता। राष्ट्रपिता बनाना है तो छत्रपति शिवाजी, राणा प्रताप और सरदार पटेल जैसे लोगों को बनाना चाहिए, जिन्होंने राष्ट्रकुल को एकत्र करने का काम किया।

साथ ही कालीचरण ने महात्मा गांधी पर वंशवाद को बढ़ावा देने, भगत सिंह, राजगुरू की फांसी न रुकवाने का आरोप लगाया और देश के बंटवारे का जिम्मेदार बताया। कालीचरण ने रायपुर पुलिस द्वारा FIR किए जाने के मामले पर कहा है कि मुझे अगर सच बोलने के लिए मृत्यु दंड की सजा भी दी जाती है तो वह मौत को स्वीकार करेंगे। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी तो मुझ जैसे तुच्छ जंतु जीकर क्या करेंगे, मुझ जैसे करोड़ों कालीचरण मरने को तैयार हैं।

बता दें कि रविवार की रात को कालीचरण पर केस दर्ज किया गया तब जानकारी मिली कि कालीचरण रायपुर छोड़कर जा चुके हैं। केस दर्ज होने के बाद अब कालीचरण की तलाश रायपुर पुलिस कर रही है। बता दें कि संत कालीचरण को बॉडी बिल्डिंग का शौक है। उनका असली नाम अभिनीत धनंजय सराग है। वो भावसार समाज के हैं। उनके पिता दवा की दुकान चलाते हैं। संत कालीचरण ने केवल 8वीं तक ही पढ़ाई की।

साल 2017 में अकोला नगर निकाय चुनाव में संत कालीचरण ने अपनी किस्मत आजमाई थी पर वो हार गए। कालीचरण महाराज इससे पहले शिवतांडव स्त्रोत का पाठ कर चर्चा में आए थे। पिछले साल जुलाई में रायसेन के शिव मंदिर में उन्होंने इसका पाठ किया था।

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