OPINION: छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओ ने किसानों को बनाया उन्नत, CM भूपेश बघेल की सोच बनी सीढी
KISAN NYAY YOJNA CG: छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के हर व्यक्ति को लाभ पहुंचाया है। सीएम भूपेश बघेल ने किसानों, ग्रामीण नागरिकों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई है। सीएम भूपेश बघेल की इस पहल की चौतरफा प्रशंसा हो रही है।

अब सम्पूर्ण देश स्वीकार कर रहा है कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने की मंशा से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फसल उत्पादकता एवं फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य में खेती-किसानी को बढ़ावा मिला है। इससे किसानों स्थिति में बदलाव आया है और वह समृद्ध हुए हैं।
शासकीय सूत्रों ने बताया कि भूपेश बघेल सरकार की योजना के तहत किसानों को इनपुट सब्सिडी के रूप में दी गई है। जिसके चलते फसल उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। खेती-किसानी छोड़ चुके किसानों का रूझान फिर से खेती की ओर बढ़ा है। सरकार के द्वारा की गई सिंचाई कर में भी माफ़ी की गई है , जिससे किसानों का उत्साह बढ़ा है और कृषि को संबल मिला है।
राज्य के अलग - अलग किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने बताया कि प्रदेश सरकार की नीतियों और किसानों के हित में लिए गए फैसलों का ही यह परिणाम है कि राज्य में खेती- किसानी और किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में धान का रकबा अधिक हो गया है। इसी अवधि में पंजीकृत किसानों की संख्या 16.92 लाख से बढ़कर 26 लाख के पार जा पहुची है। इन लगभग 5 सालों में किसान इसका अंदाजा सिर्फ राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की साल दर साल बढ़ती मात्रा से आसानी से लगाया जा सकता है। राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में 80.30 लाख टन, वर्ष 2019-20 में 83.94 लाख टन, वर्ष 2020-21 में 92.06 लाख टन, वर्ष 2021-22 में 98 लाख टन तथा वर्ष 2022-23 में 107 लाख टन के रिकार्ड खरीदी समर्थन मूल्य हुई है।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य में समृद्ध होती खेती-किसानी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें खरीफ और उद्यानिकी की सभी प्रमुख फसल को शामिल कर लिया है। कोदो, कुटकी और रागी के उत्पादक किसानों को भी इस योजना के तहत प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए सब्सिडी दी जा रही है। राज्य में मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन शुरू किया गया है।
इसके उत्पादक किसानों को वाजिब मूल्य मिले इसलिए राज्य में बीते दो सालों से कोदो, कुटकी-रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। वर्ष 2021-22 में 54 हजार क्विंटल कोदो, कुटकी, रागी की खरीदी कर किसानों को इसके एवज में 16 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। वर्ष 2022-23 में 40 हजार क्विंटल खरीदी की गई है, जिसका मूल्य 12 करोड़ रूपए है।
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