छत्तीसगढ़ में अब ब्लॉक स्तर पर लगेगा नाइट कर्फ्यू
रायपुर , 11 जनवरी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाया जा चुका है। राज्य ने सरकार संक्रमण को रोकने के लिए आदेश में परिवर्तन करते हुए कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अब वह ब्लॉक स्तर पर भी नाइट कर्फ्यू लगा सकते हैं।
आदेश में कहा गया है कि जिले में ऐसे विशेष क्षेत्र जहां संक्रमण दर चार फीसद या उससे ज्यादा है, उसे कैटेगरी-ए में रखते हुए वहां नाइट कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ताकि पूरे जिले में प्रतिबंध लगाने की जगह विकासखंड स्तर पर व्यवस्था बनाई जा सके। इन सबके बीच रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, बिलासपुर के बाद कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने से बस्तर जिले में भी रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू हो गया है।

गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमो में नही शामिल हो सकेंगे बच्चे
कोरोना संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ में इस बार गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम भी प्रभावित होंगे। कोरोना के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने 26 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर राज्य, जिला और जनपद स्तर पर कार्यक्रम के लिए अलग-अलग गाइडलाइन जारी की हैं। जारी आदेश के अनुसार गणतंत्र दिवस के दिन कोरोना के निर्देशों का पालन करते हुए ही कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस बार कार्यक्रम में स्कूली छात्र और छात्राओं को शामिल नहीं किया जाएगा। राज्य में इस बार गणतंत्र दिवस पर किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन भी प्रतिबंधित रहेंगे। ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी कुछ ही लोगों को बतौर अतिथि बुलाया जा सकेगा।
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जिन क्षेत्रों में संक्रमण अधिक, वहां बढ़ाये जाएंगे टेस्ट
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। बीते सप्ताह 3 जनवरी से 9 जनवरी के बीच दो लाख 71 हजार 912 सैंपलों की जांच की गई है। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए विभाग को प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या मे सैंपलों की जांच के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में अभी रोज औसत 38 हजार 845 सैंपलों की जांच की जा रही है, जबकि पिछले महीने दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में 25 दिसम्बर से 31 दिसम्बर के बीच यह औसत 20 हजार 256 थी। अभी करीब दुगुनी संख्या में सैंपलों की जांच हो रही है। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार के पास ओमिक्रोन वायरस की पुष्टि के लिए अलग से लैब की व्यवस्था नही है। इस सम्बंध में राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह भी किया है।












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