Khairagarh News: कृषकों के फसल में क्षति होने की संभावना, कृषि विभाग शीघ्रता से कार्यवाही करने निर्देश

Chhattisgarh News: खैरागढ़ कलेक्टर डॉ. जगदीश सोनकर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि बेमौसम बरसात से कृषकों के फसल में क्षति होने की संभावना को देखते हुए, कृषि विभाग शीघ्रता से कार्यवाही करें।

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Khairagarh: खैरागढ़ जिला केसीजी के कलेक्टर डॉ. जगदीश सोनकर के निर्देश पर कृषि विभाग ने बेमौसम बरसात फसल क्षति की जानकारी हेतु सूचना जारी किया है। तहसील गंडई, छुईखदान एवं खैरागढ़ में दिनांक 18.03.2023 को क्रमशः 9.3 मिमी., 4.7 मिमी. एवं 1.7 मिमी. वर्षा, दिनांक 19.03.2023 क्रमशः 47.1 मिमी., 12.3 मिमी. एवं 11 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है । जिले के कृषकों के द्वारा वर्तमान में चना, गेहुं फसल की कटाई एवं मिंजाई का कार्य किया जा रहा है। वर्षा से चना एवं गेहुं की कटी फसल में क्षति होने की संभावना हो सकती है।

कलेक्टर डॉ. जगदीश सोनकर ने किसानों के राहत हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि बेमौसम बरसात से कृषकों के फसल में क्षति होने की संभावना को देखते हुए, कृषि विभाग शीघ्रता से कार्यवाही करें।" इस पर कृषि विभाग के उपसंचालक राजकुमार सोलंकी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत के कंडिका क्रमांक-14 (ग) फसल कटाई के उपरांत खेत में सुखाने के लिये रखी गई फसल में नुकसान होने की स्थिति में योजनांतर्गत निहित प्रावधानों के तहत् प्रभावित कृषकों को क्षति पूर्ति राशि प्रदान करने का प्रावधान है।

14-(ग) फसल कटाई के उपरांत खेत में सुखाने के लिये रखी गई फसल में नुकसान की स्थिति में फसल कटाई के उपरांत खेत में सुखाने के लिये रखी हुई अथवा बंडल में रखे हुई अधिसूचित फसल प्राकृतिक आपदा यथा-ओले, चक्रवत एवं बेमौसम वर्षा से अधिसूचित इकाई में 25 प्रतिशत् से अधिक क्षेत्रफल में फसलों का क्षति होती है तो ऐसी स्थिति में सेम्पल जांच कर सभी बीमित कृषको को क्षति का भुगतान किया जावेगा।

यदि अधिसूचित इकाई में 25 प्रतिशत् से कम हानि होती है, तो उन सभी प्रभावित बीमित कृषको के नुकसान जांच कर नियमानुसार क्षतिपूर्ति हेतु पात्र घोषित की जावेगी। कृषक इसकी सूचना क्रियान्वयन बीमा कंपनी को सीधे टोल फ्री नंबर +91-1800-419-0344 पर या लिखित रूप से से अथवा स्थानीय राजस्व/कृषि अधिकारियों, संबंधित बैंक अथवा जिला कृषि पदाधिकारी/राजस्व पदाधिकारी को लिखित रूप से निर्धारित समय-सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्योरे क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित सूचित करेंगे।

इस घटक के अंतर्गत अधिकतम देय सहायता बीमित राशि के अध्याधीन प्रभावित क्षेत्र के आपदा घटित होने तक फसल की कास्त लागत के अनुपात में होगी। यदि फसल कटाई प्रयोग के आधार पर अधिसूचित क्षेत्र में दावा भुगतान स्थानीय क्षति पूर्ति से अधिक निर्धारित होता है, तो दोनो में से जो भी दावा अधिक होगा, बीमित कृषक को देय होगा। फसल में हुई क्षति की सूचना क्रियान्वित एग्रीकल्चर इंश्योरेंस बीमा कंपनी को सीधे टोल फ्री नंबर- +91-1800-419-0344 या राजस्व/कृषि/संबंधित बैंक को लिखित रूप से निर्धारित समय-सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्योरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित सूचित कर सकते है।

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