सीएम भूपेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है खैरागढ़ उपचुनाव, छत्तीसगढ़ सरकार के 2 मंत्रियों को मिली है चुनावी कमान !
Khairagarh by-election is related to the prestige of CM Bhupesh,the election is the responsibility of 2 ministers of the Chhattisgarh government!
रायपुर, 23 मार्च। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की खैरागढ़ विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को कांग्रेस ने प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव की कमान भूपेश बघेल सरकार के 2 मंत्रियों को दे रखी है। छत्तीसगढ़ में अपने विधायकों की संख्या 71 करने के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे और आबकारी मंत्री कवासी लखमा को चुनाव संचालन समिति में शामिल किया है। माना जा रहा है कि इन दो दिग्गज नेताओं के मार्गदर्शन में कांग्रेस खैरागढ़ चुनाव में फतह हासिल करना चाहेगी।

चौबे और लखमा की जोड़ी करेगी कमाल ?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने खैरागढ़ उपचुनाव के लिए चुनाव संचालन समिति गठित की है। इस समिति में वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे और कवासी लखमा, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव और राजनांदगांव जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पदम कोठारी शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी यशोदा वर्मा पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतर रही हैं।

क्या 71 की संख्या पूरी करेगी कांग्रेस?
खैरागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा नीलांबर वर्मा ने बुधवार को सीएम भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की ताकत बताते हुए कहा कि एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में विकास पर बटन दबाते हुए कांग्रेस को ऐतिहासिक जीत दिलानी है और विधानसभा के सदन में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 71 पहुंचानी है।

भाजपा खिलाना चाहती है खैरागढ़ में कमल
भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने खैरागढ़ में भाजपा के प्रत्याशी चुने गए कोमल जंघेल की दावेदारी को मजबूत बताते हुए कहा कि खैरागढ़ में कमल खिलायेंगे। हर बीजेपी वर्कर कोमल जंघेल के रूप में यह उपचुनाव लड़ेगा और स्वप्नजीवी भूपेश बघेल को यूपी की याद दिलाएगा । विष्णुदेव साय ने कहा कि 5 राज्यों की जनता ने कांग्रेस को आइना दिखा दिया है और खैरागढ़ की जनता उपचुनाव में छत्तीसगढ़ के संसाधनों को अपनी कुर्सी बचाने के लिए यूपी, उत्तराखंड में झोंकने वाले भूपेश बघेल को सबक सिखायेगी।

दिग्गजों की प्रतिष्ठा लगी है दांव पर
खैरागढ़ में होने वाला उपचुनाव ना केवल वहां से नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी लड़ेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी लड़ेंगे, यानी इस चुनाव में दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। इसकी वजह भी बेहद ही साफ है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद हुए चित्रकोट, मरवाही और दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की है।
माना जाता है कि यह जीत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कि अगुवाई में ही मिली है। जाहिर सी बात है छत्तीसगढ़ में टीम भूपेश बघेल अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगी। वहीं खैरागढ़ रियासत जो राजनांदगांव जिले में आती है, उस राजनांदगांव सीट से पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह विधायक हैं। इतनी ही नहीं खैरागढ़ से लगा हुआ कवर्धा भी डॉ. रमन सिंह का गृह नगर होने के नाते उनके प्रभाव वाला क्षेत्र है, लिहाजा खैरागढ़ उपचुनाव को छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और मौजूदा सीएम के बीच की जंग के तौर पर देखा जायेगा।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की खैरागढ़ विधानसभा के लिए होने वाला उपचुनाव कई मायनो में खास है। 4 नवंबर 2021 को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ यानि जोगी कांग्रेस के विधायक देवव्रत सिंह ने निधन हो जाने के बाद से यह सीट खाली है। खैरागढ़ विधानसभा के लिए 12 अप्रैल को मतदान और 16 अप्रैल को मतगणना होनी है। कांग्रेस, भाजपा, जोगी कांग्रेस समेत कई अन्य दल के प्रत्याशी भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे।












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