CSVTU Durg: जहां इंसानों को नहीं मिलता आसानी से प्रवेश, वहां भैंसो का कब्जा, जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में युवाओं को इंजीनियरिंग की तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए दुर्ग में स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्विद्यालय कैम्पस का निर्माण किया गया है। लेकिन इस कैम्पस पर छात्रों की जगह भैंसों ने कब्जा कर लिया है।
दुर्ग, 08 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को इंजीनियरिंग की तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए दुर्ग में स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्विद्यालय कैम्पस का निर्माण किया गया है। लेकिन इस कैम्पस पर छात्रों की जगह भैंसों ने कब्जा कर लिया है। जी हां आप सही समझ रहें हैं। लेकिन इसमें भैसों का कोई कुसूर नही है। भैसों के लिए तो यह कैम्पस एक चारागाह बन गया है। ये भैंसे विश्विद्यालय प्रबन्धन के लिए मुसीबत बन गया है।

यूनिवर्सिटी कैम्पस में भैसों की एंट्री
आप सोच रहे होंगे की आखिर विश्वविद्यालय परिसर में भैंसों का क्या काम? लेकिन आपको बता दें कि यह भैंसे अपने आप नहीं आती, बल्कि इन्हें खटाल संचालकों द्वारा परिसर में पहुंचाया जाता है। लगभग डेढ़ सौ एकड़ कैंपस में फैले विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के मौसम में कई घास फूस उग आते हैं वहीं भैंस परिसर के उद्यान को चारागाह समझकर नुकसान पहुंचाते हैं। जिसे खिलाने के लिए नजदीक के डेयरी संचालक अपनी भैसों को कैंपस में ही छोड़ देते हैं।

कैम्पस में सुरक्षा के है पुख्ता इंतजाम
दरअसल दुर्ग के नेवई स्थित सीएसवीटीयू केंपस को पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे वह सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर सुरक्षित किया गया है। इस कैंपस में आसानी से किसी भी अनजान व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो सकता, विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के लिए प्रवेश द्वार पर ही लोगों को अपना परिचय, नाम, पता विश्वविद्यालय आने का कारण जैसी जरूरी जानकारियां देनी होती है। लेकिन इसके बाद भी विश्वविद्यालय परिसर में भैंसों की आसानी से एंट्री हो जाती है। जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन परेशान है।

निगम ने की कार्रवाई, भैंसो को पहुंचाया गौठान,
मंगलवार को विश्विद्यालय प्रबन्धन की शिकायत पर राजस्व विभाग प्रभारी संजय वर्मा व जनस्वास्थ्य विभाग प्रभारी बृजेन्द्र परिहार ने भैंसों को पकड़ने पहुंचे। विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय प्रबंधन की शिकायत पर नगर पालिक निगम भिलाई के अधिकारियों ने 7 भैंस व 4 भैंस के बच्चे को पकड़ा है। भैंस को निगम के कोसानाला गौठान में रखा गया है। अब डेयरी संचालकों को गौठान में जुर्माना देकर इसे मुक्त करना होगा।

डेयरी संचालकों की दबंगई
दरअसल विश्वविद्यालय परिसर में मवेशियों को घुसाने के लिए डेयरी संचालकों द्वारा कैंपस के दीवालों को तोड़ दिया गया है।सुरक्षा के लिए लगाए गए जालियों को भी काट दिया गया है।जिससे भैंस को आसानी से प्रवेश कराया जा सके। परिसर में भैंस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने पर डेयरी संचालक विवाद भी करते है। इसकी शिकायत भी नजदीकी थाने में कई गई है।

डेयरी संचालकों पर लगेगा जुर्माना
निगम अधिकारियों ने बताया कि विश्विद्यालय से लगातार शिकायत मिल रही थी कि डेयरी संचालक दुध निकालने के बाद मवेशियों को परिसर में खुला छोड़ देते है। डेयरी संचालक जान बूझकर मवेशी को खुला छोड़ते है। दरअसल विश्वविद्यालय परिसर के उमरपोटी सीमा में फैसिंग तार को काट क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसी रास्ते से भैंस को प्रवेश कराया जाता है। रिसाली निगम अधिकारियों ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश के अनुसार इन डेयरी संचालको की पहचान कर अब उनसे जुर्माना वसूली की कार्यवाही भी की जाएगी।

डेयरी संचालकों पर लगेगा जुर्माना
रिसाली निगम के अधिकारियों ने बताया कि विश्विद्यालय से लगातार शिकायत मिल रही थी कि डेयरी संचालक दुध निकालने के बाद मवेशियों को परिसर में खुला छोड़ देते है। जिसमे पाया गया कि डेयरी संचालक जान बूझकर मवेशी को खुला छोड़ते है। दरअसल विश्वविद्यालय परिसर के उमरपोटी सीमा में फैसिंग तार को काट क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसी रास्ते से भैंस को प्रवेश कराया जाता है। अब निगम अधिकारियों ने कहा कि इन डेयरी संचालको की पहचान कर अब उनसे जुर्माना वसूली की कार्यवाही भी की जाएगी।

विश्विद्यालय परिसर में चल रहा है निर्माण कार्य
दरअसल सीएसवीटीयू कैम्पस में अभी करोड़ो रूपये के विकास कार्य कराए जा रहें हैं। जिनके तहत इंजीनियरिंग स्टूडेंट के लिए लैब, स्मार्ट क्लासरूम, सभागार, यूटिलिटी बिल्डिंग, हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर जैसे कई भवनों का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी कमी की गई है, जिसका फायदा अब डेयरी संचालक उठा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications