संवरेंगे छत्तीसगढ़ में बिगड़े बांस के वन, बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना में आई तेजी
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश में तीन वर्षों के दौरान 73 हजार 795 हेक्टेयर रकबा में सुधार का कार्य किया गया है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 78 करोड़ 17
रायपुर, 24 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में जंगलों में बांस की उपज बड़ी तादाद में होती है। प्रदेश में आदिवासी समाज के ग्रामीणों का एक बड़ा तबका बांस से कलात्मक कृतियां और उपयोगी वस्तुएं बनाकर अपना जीवन यापन करता है। भूपेश सरकार ने ग्रामीण जीवन की बेहतरी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण काम करते हुए एक जरुरी योजना चला रखी हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश में तीन वर्षों के दौरान 73 हजार 795 हेक्टेयर रकबा में सुधार का कार्य किया गया है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 78 करोड़ 17 लाख रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। इससे बिगड़े बांस के वनों में सुधार कार्य को काफी गति मिलेगी।
बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश के बंसोड़ों, पानबरेजा परिवारों एवं बांस का काम करने वाले हस्तशिल्प कारीगरों को अधिक मात्रा में अच्छा बांस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में बिगड़े बांस वनों का सुधार तथा बांस रोपण का कार्य कराया जाता है। इसके तहत बिगड़े बांस वनों में गुथे हुए बांस के भिर्रों की सफाई कराकर मिट्टी चढ़ाई का कार्य किया जाता है, जिससे अच्छे करले प्राप्त होते है और बांस वनों की उत्पादकता में वृद्धि भी होती है।
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