MLA Devendra Yadav: 7 महीने बाद जेल से छूटे कांग्रेस विधायक, सड़क पर मनाया जश्न, दर्ज हुई FIR, जानिए मामला
Devendra Yadav COngress MLA: बलौदाबाजार हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सात महीने बाद जेल से रिहाई मिली। रिहाई के बाद उनका स्वागत बड़े पैमाने पर किया गया, जिसके कारण सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस जश्न के दौरान गंज पुलिस ने देवेंद्र यादव, सुबोध हरितवाल, आकाश शर्मा समेत 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
इस मामले में यूथ कांग्रेस के नेता सुबोध हरितवाल ने FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार की द्वेषपूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने कहा, "हम न तो डरते थे और न ही आगे डरेंगे।" वहीं बीजेपी प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा, "अगर आप जनता को परेशान करेंगे, सड़क जाम करेंगे, और कानून तोड़ेंगे, तो अपराध तो दर्ज होगा ही।"

देवेंद्र यादव की राहुल गांधी से मुलाकात
रिहाई के अगले दिन देवेंद्र यादव ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद देवेंद्र यादव ने कहा, "बाबा साहब अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश से नफरत की राजनीति को खत्म करने का जो कार्य राहुल गांधी ने किया है, वही मेरा आदर्श है।"
192 दिनों की जेल यात्रा के बाद आज नई दिल्ली में हमारे नेता, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी से मुलाकात की..
— Devendra Yadav (@Devendra_1925) February 22, 2025
बाबा साहब के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश से नफरत की राजनीति को खत्म करने आपने जो बीड़ा उठाया है वही मेरा आदर्श है।
आज देशभर में किसान, मजदूर आदिवासी,… pic.twitter.com/sHDd2KUukP
सड़क जाम और 500-600 लोगों की भीड़
FIR के अनुसार, देवेंद्र यादव की जेल से रिहाई के बाद उनके समर्थक 500 से 600 की संख्या में सड़क पर जमा हो गए थे, जिसके कारण सड़क पूरी तरह से जाम हो गई। चेतावनी दिए जाने के बावजूद कोई नहीं माना, और इस जाम में कई बसें, आम लोग, और एम्बुलेंस फंस गए।
देवेंद्र यादव की रिहाई के समय उनके समर्थकों ने आतिशबाजी की और उनका स्वागत किया। इसके बाद, वे अपनी पत्नी और मां से मिलने घर पहुंचे। पत्नी श्रुतिका ने उनका स्वागत किया और मां ने उन्हें गले से लगा लिया। देवेंद्र यादव ने कहा कि वह हमेशा अपने लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे और जहां उनकी जरूरत होगी, वहां बिना डर के जाएंगे। उन्होंने बलौदाबाजार हिंसा मामले की CBI जांच की मांग की।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में देवेंद्र यादव पर आरोप
देवेंद्र यादव पर आरोप था कि उन्होंने 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में सतनामी समाज के विरोध प्रदर्शन को उकसाया था। हालांकि, देवेंद्र ने दावा किया कि वह सिर्फ सभा में शामिल हुए थे, लेकिन मंच पर नहीं गए और उन्होंने कोई भाषण भी नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित थी।
सुप्रीम कोर्ट से देवेंद्र यादव की राहत
देवेंद्र यादव की विधायकी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। याचिका में आरोप था कि यादव ने अपने शपथपत्र में आपराधिक मामलों और संपत्ति संबंधी जानकारी छिपाई।
बलौदाबाजार हिंसा की टाइमलाइन
- 15 मई 2024 को गिरौदपुरी धाम में धार्मिक चिन्ह को तोड़ा गया था।
- 19 मई को 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने शराब के नशे में तोड़फोड़ की थी।
- 10 जून को हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और एसपी ऑफिस में आग लगा दी, और कई वाहन जलाए गए।
- 17 अगस्त 2024 को देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया था।
बलौदाबाजार हिंसा के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था। आगजनी में लगभग 2.82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और एसपी, कलेक्ट्रेट ऑफिस को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों और शासकीय कर्मचारियों से मारपीट की, जिससे कई लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी पेट्रोल बम लेकर आए थे।












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