सीएम भूपेश ने पंचायतों को बनाया सशक्त, 50 लाख तक खर्च करने का मिला अधिकार, जारी किया निर्देश
छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है । इसके लिए सरकार लगातार कई नए फैसले ले रही है। पेसा एक्ट लागू करने के बाद अब ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों में खर्च करने की राशि बढ़ाकर 50 लाख
दुर्ग , 31अगस्त। छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है । इसके लिए सरकार लगातार कई नए फैसले ले रही है। पेसा एक्ट लागू करने के बाद अब ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों में खर्च करने की राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपए तक कर दी गई है। पहले खर्च की यह सीमा 20 लाख रुपए तक ही थी।

विभाग ने जारी किया पत्र
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टर,जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सीईओ को आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक आधारभूत संरचना के विकास के लिए पंचायतों को दी गई छूट की सीमा को बढ़ा दिया गया है। अब पंचायतें 50 लाख रुपए तक विकास कार्य के लिए राशि उपयोग कर सकेंगे। यह फंड उन कार्यों में खर्च किए जाएंगे जिसकी तत्काल आवश्यकता है। मतलब साफ है कि मूलभूत के कार्यों में अब अधिक राशि का उपयोग का अधिकार पंचायतों को मिल गया है।

इसलिए लिया गया फैसला
यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों को जनपद व जिला पंचायत के अफसरों का मुंह ताकना नहीं पड़ेगा। गांव की जरूरतों के आधार पर सरपंच 50 लाख तक खर्च के लिए बजट बना पाएंगे। इससे पूर्व ग्राम पंचायत के सरपंच को 20 लाख रुपए के कार्य करने की छूट दी गई थी।
सरकार का प्रयास सशक्त बने पंचायत
राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सरपंचों का मानदेय बढ़ाए जाने, ग्राम पंचायतों को 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य कराए जाने का अधिकार तथा नया एसओआर दर को लागू करने समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय सरकार ने लिया गया है। सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने पंचायत मंत्री से मुलाकात कर इसके लिए आभार व्यक्त किया।
गौठानो से मिल रहा रोजगार
राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी कृषि ग्रामीण मजदूर न्याय योजना सहित प्रदेश सरकार की अन्य जन हितैषी कार्यों से गांव और ग्रामीणों की स्थिति में तेजी से बदलाव आ रहा है। गौठानो में आजीविका के माध्यम से गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
पंचायतों पर बड़ी जिमेमदारी : रविन्द्र चौबे
सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने हड़ताल वापस ले लिया है। इस पर पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सरपंच गांव में जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि है ।जनता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के ऊपर है । ऐसी स्थिति में हड़ताल अथवा कलम बंद करने की बात करना जनता के साथ अन्याय है। जिस तरह से सरपंचों के संगठन के पदाधिकारी जनता के प्रति अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ रहे हैं और हड़ताल पर जा रहे हैं। यह पूरी तरह से गैर कानूनी है।












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