सीएम भूपेश बघेल के बजट बैग ने खींचा ध्यान, गोबर से बने ब्रीफकेस में पेश किया गया छत्तीसगढ़ का बजट
CM Bhupesh Baghel's budget bag drew attention, Chhattisgarh's budget presented in a briefcase made of cow dung
रायपुर, 09 मार्च। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चौथी बार बतौर वित्तमंत्री राज्य का बजट पेश किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में प्रवेश करने से पहले सीएम भूपेश बघेल के हाथ में रखे ब्रीफकेस ने सबका ध्यान खींचा। गांवों को सशख्त बनाने वाली योजनाओ पर काम करने के लिए नाम कमाने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश करने के लिए जिस ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया,वह गोबर से बना हुआ था। आमतौर पर ब्रीफकेस चमड़े या जूट से बने होते है लेकिन गोबर के बाई प्रोडक्ट से बने इस बैग ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा।
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गोबर के पाउडर से तैयार किया गया बजट ब्रीफकेस
मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से बजट पेश करने के लिए इस्तेमाल में लाये गए ब्रीफकेस को गोबर के पाउडर से तैयार किया गया है।इसे महिला स्वसहायता समूह की दीदी नोमिन पाल ने बनाया है। इस प्रकार पहला पहली बार हुआ है,जब किसी राज्य के बजट पेश करने के दौरान गोबर से निर्मित ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया हो ।

10 दिनों की कड़ी मेहनत करके तैयार किया गया ब्रीफकेस
रायपुर नगर निगम के गोकुल धाम गौठान में काम करने वाली एक पहल महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने गोबर और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से इस ब्रीफकेस को बनाया किया है। इसी ब्रीफकेस में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में बजट पेश किया । इस बजट ब्रीफकेस की खूबी यह है कि इसे गोबर पाउडर, चूना पाउडर, मैदे की लकड़ी, ग्वार गम के मिश्रण को परत दर परत लगाकर 10 दिनों की कड़ी मेहनत करके तैयार किया गया है । बजट के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए इस ब्रीफकेस के हैंडल और कार्नर कोंडागांव शहर के समूह द्वारा बस्तर आर्ट कारीगर से तैयार किया गया है ।

गोबर से बने बैग से बजट पेश करने का कारण भी बड़ा रोचक
गोबर से बने बैग से बजट पेश करने का कारण भी बड़ा रोचक है। दरअसल भारतीय संस्कृति में यह मान्यता है कि गोबर मां लक्ष्मी का प्रतीक होता है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय त्यौहारों में घरों को गोबर से लीपने की परंपरा है। परम्पराओं से प्रेरणा लेते हुए स्व सहायता समूद की महिलाओं की तरफ से गोमय ब्रीफकेस का निर्माण किया गया है। बताया गया जा रहा है की इसके पीछे की मंशा यह है कि मुख्यमंत्री के हाथों इस ब्रीफकेस से छत्तीसगढ़ के हर घर में बजट रूपी लक्ष्मी का प्रवेश करें। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का हर नागरिक आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।

गौधन न्याय योजना पूरे देश में रही है बेहद ही चर्चित
गौरतलब है कि भूपेश बघेल सरकार की गौधन न्याय योजना पूरे देश में बेहद ही चर्चित रही है। राज्य में सरकार गौठानों के माध्यम से गोबर से सामग्री तैयार कर रही है।छत्तीसगढ़ की गौधन न्याय योजना की तारीफ प्रधानमंत्री और कृषि मामलों की संसदीय समिति भी कर चुकी है। गोधन न्याय की आर्थिक क्रांति से छत्तीसगढ़ में 10591 गौठानों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 8048 गौठानों का निर्माण पूरा हो गया है। छत्तीसगढ़ के 2800 गौठान स्वावलंबी हो गए हैं , जहां पशुपालक ग्रामीणों से गोबर खरीदी में खुद की पूंजी का निवेश करने लगे हैं।












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