CG News: लगातार घट रही बाबा की संपत्ति, फिर भी छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर प्रत्याशी की संपत्ति जान रह जाएंगे हैरान
Chhattisgarh Assembly Election 2023: छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई चेहरे ऐसे हैं जो शाही रुतबा रखते हैं। इन्हीं में सबसे बड़ा नाम है डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव। वे सरगुजा रियासत के राजा हैं, लोकप्रियता इतनी की इलाके के लोग उन्हें राजा साहब या हुकुम की बजाए प्यार से टीएस बाबा बुलाते हैं।
इतना ही नहीं बल्कि टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर विधायक हैं। अगर दूसरे राज्यों के विधायकों से उनकी तुलना करें तो 2013 के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान, दिल्ली,मध्यप्रदेश और मिजोरम के सभी विधायकों की संपत्ति को मिला दिया जाए तो उनकी कुल संपत्ति होती है।

टीएस सिंह राज्य की अंबिकापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। शपथ पत्र में उनकी कुल संपत्ति साढ़े चार सौ करोड़ से अधिक है। 2018 में उनकी कुल संपत्ति 500 करोड़ एक लाख थी, तो वहीं इस बार उनकी संपत्ति 447.77 करोड़ करोड़ के आस-पास है। अंबिकापुर इलाके में कई मकान, सरकारी इमारतें, यात्रियों के लिए बनाए गए सराय, हॉस्पिटल, स्कूल या खेतों पर इन्हीं के परिवार का मालिकाना हक है।
इसके अलावा टीएस सिंहदेव के पास 5 गाड़ियां है। जिसमें महेन्द्रा एक्सयूवी, हुंडई वरना, ऑडी कार, होंडा सिविक कार और 40 लाख रुपये की मर्सडीज कार शामिल है। इसे उन्होंने 2017 में खरीदा था। टीएस सिंहदेव के पास हथियार में राइफल एक नग 22 बोर और 1 बंदूक 12 बोर शामिल है। कीमत डेढ़ लाख लाख रुपये है। उनके पास 10 करोड़ 30 लाख रुपए की ज्वेलरी है। टीएस सिंहदेव 1 पेट्रोल पंप के भी मालिक हैं। सरगुजा के अलग-अलग जगहों पर उनके पास 72 करोड़ 91 लाख 29 हजार 460 रुपए के खेत हैं।
इसके अलावा टीएस सिंहदेव की सरगुजा पैलेस में 50 फ़ीसदी की साझेदारी भी है और इसके साथ ही अम्बिकापुर के बाबूपारा, हाउसिंग बोर्ड, सदर रोड, अस्पताल रोड, पोस्ट ऑफिस रोड से खरीदी जमीन है। साथ ही अम्बिकापुर में निर्मित बिल्डिंग का अनुमानित बाजार मूल्य 428 करोड़ रुपये है। उनके नाम पर भोपाल में 2 मकान और दिल्ली में 1 फ्लैट भी शामिल है। उन्होंने बैंक वित्तीय संस्थाओं और अन्य लोगों से सवा करोड़ रुपए कर्ज भी लिए हैं।
बता दें कि अंबिकापुर सीट से उनके सामने बीजेपी ने राजेश अग्रवाल चुनाव लड़ रहे हैं। टीएस सिंहदेव पिछले तीन बार से अंबिकापुर में चुनाव जीतते आए हैं। इस बार उनकी नजर चौका लगाने की है।
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शहरों में से एक अंबिकापुर विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी अहम सीट मानी जाती है। क्योंकि पिछले तीन चुनावों में भले ही भारतीय जनता पार्टी बहुमत के साथ राज्य की सत्ता हासिल करने में कामयाब रही हो, लेकिन अंबिकापुर में वह जीत का स्वाद नहीं चख पाई।
सरगुजा जिले की अंबिकापुर विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने शहरों में से एक है। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टविटी, बड़े स्कूल, अन्य चीजें मौजूद हैं। लेकिन ये क्षेत्र अधिकतर खेती पर निर्भर है। अंबिकापुर का करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र कृषि से ताल्लुक रखता है। इसलिए इन चुनावों से यहां के किसानों को बड़ी आस है।
अगर इतिहास को खंगाले तो पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी को यहां आखिरी बार जीत 2003 के विधानसभा चुनाव में ही नसीब हुई थी।












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