बदल रहा है छत्तीसगढ़ का बस्तर, नक्सली विरोध को खारिज करके बुरगुम गांव में 16 साल फहराया तिरंगा
DANTEWADA: छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के बुरगुम गांव को घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता रहा है,लेकिन भूपेश बघेल सरकार के आने के बाद बदलाव नजर आने लगा है। स्वतंत्रता दिवस पर बुरगुम गांव के जनप्रतिनिधियों ने नक्सली विरोध को नकारते सुरक्षबलों की मौजूदगी में इस बार ध्वजारोहण करके देश की आजादी का जश्न मनाया।

नक्सलियों गढ़ रहे बुरगुम में जवानो मौजूदगी के बीच ग्रामीणों ने पूरे गर्व के साथ देश आजादी के महापर्व मनाया। ग्रामीणों को जवानों ने विश्वास दिलाया कि हम आपके साथ है, राज्य,देश की सरकार आपके साथ है। जवानो ने ग्रामीणों को समझाया कि वह नक्सलियों के बहकावे में न आकर विकास के साथ कदम से कदम मिला कर आगे बढ़े।
ज्ञात हो कि साल 2007 तक बुरगुम गांव में भी हर्ष उल्लास के साथ 15 अगस्त और 26 जनवरी मनाया जाता था, पर 2007 में यहां के शासकीय भवन, आश्रम, पंचायत भवनों को तोड़फोड़कर कर माओवादियों ने बुरगुम तक पहुंचने वाले मार्ग को काट दिया था। इस नक्सल घटना के बाद अभी तक यह गांव जिला और ब्लाक मुख्यालय कुआकोंडा से कट चुका था।
बुरगुम गांव में स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक दिन पहले 14 अगस्त को जवानों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया था, तभी बुरगुम गांव के आंगनबाड़ी स्कूलों में तिरंगा झंडा शान से फहराया गया।
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