Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने स्वीकार किया सीएम भूपेश का ऑफर, शर्तों के साथ शांतिवार्ता के लिए तैयार हुए माओवादी

छत्तीसगढ़ बीते दो दशक से माओवादी समस्या का दंश झेल रहा है। राज्य के बस्तर संभाग समेत कई अन्य जिलों में नक्सलियों की मौजूदगी हमेशा बानी रहती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमेशा इस बात को कहते रहे है कि नक्सली समस्या का हल

रायपुर, 07 मई। छत्तीसगढ़ बीते दो दशक से माओवादी समस्या का दंश झेल रहा है। राज्य के बस्तर संभाग समेत कई अन्य जिलों में नक्सलियों की मौजूदगी हमेशा बनी रहती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमेशा इस बात को कहते रहे हैं कि नक्सली समस्या का हल ग्रामीणों को विश्वास में लेकर और बातचीत से ही हो सकता है। सरकार की इस सोच को भांपकर अब कई दफा छत्तीसगढ़ की धरती को खून से लाल कर चुके माओवादी सरकार से शांति वार्ता करना चाहते हैं। लेकिन यह सवाल अब भी जीवित है कि क्या संविधान को ना मानने वाले नक्सलियों के साथ लोकतांत्रिक तौर पर चुनी गई सरकार शांतिवार्ता कर पायेगी?

भूपेश बघेल ने की थी नक्सलियों से वार्ता की पेशकश

भूपेश बघेल ने की थी नक्सलियों से वार्ता की पेशकश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नक्सल प्रभावित बस्तर के जंगलों में डेरा जमाये बैठे नक्सलियों के साथ बातचीत को तैयार हैं। गौरतलब है कि सीएम भूपेश बघेल ने बीती 4 मई को प्रदेश के सभी विधानसभाओं का दौरा कार्यक्रम शुरू किया है। इस यात्रा के आगाज के साथ ही उन्होंने नक्सली संगठनों को ऑफर देते हुए कहा था कि वह अपनी इस यात्रा के दौरान सभी वर्गों से बातचीत करना चाहते हैं, जिसमें आम जनता के अलावा विद्रोही नक्सली भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस पेशकश पर नक्सलियों की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। नक्सलियों के संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर वार्ता से पहले अपनी कुछ शर्तें बताई हैं। माओवादी संगठन ने अपने बयान में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी राय शर्तों को पूरा करेंगी, तो माओवादी संगठन शांतिवार्ता को तैयार है।

सीएम भूपेश बघेल ने नक्सलियों से वार्ता की पेशकश करते हुए कहा था कि अगर नक्सली बातचीत करना चाहते हैं, तो सरकार इसके लिए राजी है। इसके अलावा उन्होंने नक्सलियों से हिंसा का मार्ग छोड़कर संविधान पर आस्था रखने की अपील की थी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भूपेश बघेल बतौर मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचो पर माओवादियों से कई बार इस तरह की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन शायद पहली बार इस मामले में नक्सल संगठन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।

शर्तो के बातचीत के लिए तैयार हुए नक्सली

शर्तो के बातचीत के लिए तैयार हुए नक्सली

सरकार से बातचीत का ऑफर मिलने के बाद माओवादियों के प्रवक्ता विकल्प ने कहा है कि माओवादी संगठन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इससे पूर्व सरकार को माओवादी संगठनों, पीएलजीए और जन संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने होंगे। माओवादी प्रवक्ता ने आगे का है कि वह चाहते हैं कि राज्य में माओवादी संगठनों को खुलकर काम करने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा सुरक्षाबलों के कैम्पो को बस्तर के जंगलों से तत्काल हटाया जाना चाहिए। माओवादियों ने अपनी शर्तो में जेल में बंद नक्सल नेताओं को रिहा करने की मांग भी रखी है।

पहले भी हो चुका है शांतिवार्ता का प्रयास

पहले भी हो चुका है शांतिवार्ता का प्रयास

बहरहाल यह पहली बार नहीं है, जब सरकार की तरफ से माओवादियों के सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया गया हो। इससे पूर्व रमन सरकार के कार्यकाल के दौरान माओवादियों ने वार्ता की पेशकश की गई थी। तब कुछ दौर की बातचीत भी हुई थी, जो विफल हो गई थी।

माओवादियों ने हवाई हमलो पर उठाये सवाल

माओवादियों ने हवाई हमलो पर उठाये सवाल

माओवादी संगठनों के प्रेस नोट में आगे कहा गया है कि सरकार शांतिवार्ता की बात जरूर करती है, लेकिन दूसरी तरफ ग्रामीणों की बस्तियों में हवाई हमले भी कर रही है। माओवादियों ने सरकार से पूछा है कि सरकार ने बस्तर के बीहड़ो में हाल ही में हुई एयर स्ट्राइक संवैधानिक अधिकार के तहत करवाई की है, यदि राज्य सरकार ने एयर स्ट्राइक नहीं करवाई है, तो इसकी जांच करवाकर पता लगाया जाए कि किस देश की सेना ने यह हमले किये थे।

इधर बस्तर में पदस्थ सीनियर पुलिस अफसर, बस्तर के आईजी सुंदराज पी का कहना है कि माओवादी संगठन के दण्डाकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में शांति वार्ता के लिए सशर्त पेशकश की गई है। सरकार के निर्देश के मुताबिक क्षेत्र की जनता के हित के लिए बस्तर में तैनात पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान दिनरात पूरी तरह समर्पित होकर अपना काम कर रहे हैं। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखना ही हमारा उद्देश्य है। माओवादी संगठन के साथ शांतिवार्ता सरकार को करनी है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि बस्तर में बेहद शीघ्र शांति कायम करने में हम सफल रहेंगे।

यह भी पढ़ें नक्सली हमले से बचने 4 बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करवा रही है छत्तीसगढ़ सरकार

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+