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नक्सली हमले से बचने 4 बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करवा रही है छत्तीसगढ़ सरकार

Chhattisgarh government is getting 4 bullet proof vehicles ready to avoid Naxalite attack

रायपुर, 07 मई। छत्तीसगढ़ में डेढ़ साल बाद चुनाव है। सरकार और सियासी दलों से जुड़े विशेषजनों के दौरे बढ़ रहे हैं। लिहाजा वीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार गाड़ियों की बुलेट प्रूफिंग कराने वाली है। माओवादी इलाकों में वीआईपी मूवमेंट के दरमियान नक्सलियों के हमले की आशंका को देखते हुए भूपेश सरकार ने यह निर्णय लिया है।

बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करने मंगवाया गया प्रस्ताव

बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करने मंगवाया गया प्रस्ताव

वीआईपी काफिले में वर्तमान में इस तरह की गाड़ियां अधिक उपयोग में आ रही हैं। इसे देखते हुए पुलिस विभाग ने चार टोयोटा फॉरच्यूनर वाहनों को बुलेट प्रुफिंग के लिए चुना है। साल 2013 में चुनाव से ठीक पहले हुए झीरम नक्सली हमले के बाद पहली दफा इस तरह की गाड़ियों की बुलेट प्रुफिंग करवाई जा रही है। बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करने के लिए पुलिस विभाग ने संबंधित एजेंसियों से प्रस्ताव मंगवाए हैं। ज्ञात हो कि 25 मई 2013 को बस्तर के झीरम हमले में कांग्रेस ने अपने कई शीर्ष नेताओं को खो दिया था।

आईईडी ब्लास्ट और हैंड ग्रेनेड हमला सहने में भी होगी सक्षम

आईईडी ब्लास्ट और हैंड ग्रेनेड हमला सहने में भी होगी सक्षम

छत्तीसगढ़ सरकार गाड़ियों पर जो बुलेट प्रूफिंग करवा रही है, उसमें एके 47 से लेकर एसएलआर तक को सहने की क्षमता होगी।यह गाड़ियां इन हमलों को सहने में सक्षम होंगी। इसके अलावा आईईडी ब्लास्ट और हैंड ग्रेनेड के हमले का भी इन गाड़ियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिन गाड़ियों की बुलेट प्रूफिंग करवाई जाएगी उसके पहियों में रन फ्लैट सिस्टम लगाने की योजना है, जिससे फायरिंग होने की स्थिति में गाड़ी तेज रफ्तार से भाग सकेगी, टायर पर गोली लगने की स्थिति में भी वह अपनी गति से आगे निकल जाएगी। इसके अतिरिक्त गाड़ियों में ईंधन टैंक की पर्याप्त सुरक्षा करने के लिए उसमें एंटी एक्सप्लोसिव मटेरियल भरा जायेगा।

तीन चरण में होगा परीक्षण

तीन चरण में होगा परीक्षण

वीआईपी काफिले में शामिल करने से पूर्व गाड़ियों का तीन चरणों में परीक्षण किया जायेगा। पहले चरण में फायरिंग रेंज में गाड़ियों की स्टील शीट और बीआर ग्लास सैंपल का बैलिस्टिक परीक्षण होगा। दूसरे चरण के परीक्षण में फैब्रिकेशन शामिल है, जबकि तीसरे चरण में जांच समिति गाड़ी का परीक्षण करवाकर उसकी गुणवत्ता जांचेगी। तीन चरणों में टेस्टिंग करने के बाद ही गाड़ियों को किसी वीवीआईपी के काफिले में शामिल किया जा सकेगा। बहरहाल सरकार इस मामले में बेहद गंभीर नजर आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार को जल्द ही प्रस्ताव मिल जायेंगे, जिसपर तत्काल बैठक करके मंजूरी दे दी जाएगी।

चुनाव के मद्देनजर अहम फैसला, झीरम की यादें अब भी ताज़ी

चुनाव के मद्देनजर अहम फैसला, झीरम की यादें अब भी ताज़ी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में चुनावी माहौल गर्माने लगा है। भाजपा, कांग्रेस समेत कई अन्य दलों से जुड़े नेताओं का छत्तीसगढ़ दौरा बढ़ चुका है। अधिकांश दल के नेता माओवादी प्रभावित बस्तर संभाग में दौरे कर रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में दोबारा अपनी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस संगठन और भूपेश सरकार के नेताओं के बस्तर दौरे बढे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके कई मंत्री खुद लगातार बस्तर संभाग के दौरे कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में नक्सल हमलों की आशंका बढ़ जाती है, लिहाजा गृह विभाग अभी से अपनी तैयारियां पूरी रखना चाहता है, क्योंकि राजनितिक और शासकीय दौरे के दरमियान वीवीआईपी सुरक्षा में कोई कमी ना रह जाये। यह भी याद रहना जरुरी है कि 2013 में हुए हुआ झीरम घाटी नक्सल हमला भी कांग्रेस की राजनितिक यात्रा पर हुआ था।

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