Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

आंध्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर Naxal Encounter, माओवादियों के टॉप लीडर्स गजरला रवि और अरुणा ढ़ेर, दो एके-47 बरामद

Naxal Encounter: देश की सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल मुक्त भारत के मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेडपल्ली इलाके में ग्रेहाउंड्स फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने नक्सल केंद्रीय कमेटी के सदस्य गजरला रवि, स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर अरुणा और एक अन्य नक्सली अंजू को ढेर कर दिया है।

यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमा क्षेत्र में स्थित घने जंगलों में हुई, जिसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। मारे गए नक्सली लंबे समय से सुरक्षाबलों की वांछित सूची में थे और इन पर लाखों का इनाम घोषित था।

chhattisgarh-naxal-encounter

Naxal encounter news: मारेडवेल्ली का जंगल में बड़ी कार्रवाई

यह घटना मंगलवार, 17 जून को मारेडवेल्ली और देवीपटनन्नम वन क्षेत्र , जो पूर्वी गोदावरी और अल्लूरी सीताराम जिले की सीमा पर हुआ। यह इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता है और कई वर्षों से माओवादी संगठन यहां सक्रिय है। मारेडपल्ली और देवीपटनन्नम वन क्षेत्र, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है।

यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादी संगठन का रणनीतिक रूट माना जाता रहा है जिससे वे राज्यों के बीच सहज आवाजाही कर सकें। ग्रेहाउंड्स को खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सलियों की उच्चस्तरीय बैठक इस क्षेत्र में हो रही है, जिसके बाद "एनकाउंटर ऑन फुट (EOF)" नामक ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा बलों ने जब जंगल में प्रवेश किया, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच घंटों गोलीबारी चली। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया।

इस दौरान सुरक्षाबलों ने दो एके-47 राइफलें, गोला-बारूद, वायरलेस सेट और रणनीतिक दस्तावेज बरामद किए। अल्लूरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार ने इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा, "इस ऑपरेशन में हमारे बलों को बड़ी सफलता मिली है। वर्षों से फरार चल रहे तीन बड़े नक्सली कमांडर मारे गए हैं। यह माओवादी नेटवर्क के लिए करारा झटका है।"

मारे गए शीर्ष नक्सली कौन हैं? (Who are the top Naxalites killed?)

1. गजरला रवि उर्फ उदय

गजराल केंद्रीय कमेटी सदस्य (CCM), AOBSZC का सचिव था जिसपर 40 लाख रूपए का इनाम था। इसे माओवादी संगठन का मुख्य रणनीतिकार माना जाता था जो मुख्य रुप से छत्तीसगढ़ और आंध्र क्षेत्र में सक्रिय था। गजराल ने साल 2012 में बीएसएफ पर हमला कर कमांडेंट समेत तीन जवानों को मार डाला था। 2014 से फरार

2. रावी वेंकट चैतन्य उर्फ अरुणा

रावी स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (SZCM), AOBSZC थी जिस पर 20 लाख का इनाम था। अरुणा कुख्यात नक्सल आजाद की बहन और चलपति की पत्नी होने के कारण नक्सली संगठन में विशेष पकड़ रखती थी। ये महिला नेतृत्व के तहत जनमिलिशिया और ग्रामीण महिलाओं की भर्ती की जिम्मेदारी रखती थी और संगठन में विचारधारा और ट्रेनिंग की देखरेख करती थी।

3. अंजू

नक्सल मुठभेड़ में मारी गई अंजू कोंडामोडालू गांव की रहने वाली थी जो एरिया कमेटी सदस्य (ACM), AOBSZC भी थी। इसकी मुख्य भूमिका स्थानीय नेटवर्क को संभालना, युवाओं की भर्ती, हथियारों की आपूर्ति करना था।

रणनीतिक मोर्चे पर निर्णायक सफलता

विशेषज्ञों का मानना है कि गजरला रवि और अरुणा जैसे रणनीतिक नेताओं की मौत से AOBSZC की ताकत कमजोर होगी। यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियानों के मोर्चे पर एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है, खासकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में।

ग्रेहाउंड्स फोर्स द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल मुठभेड़ नहीं, बल्कि नक्सलियों के मनोबल पर बड़ा हमला है। इन मारे गए नेताओं की मौत से जहां संगठन के रणनीतिक और नेतृत्व स्तंभ हिलेंगे, वहीं सुरक्षा बलों की सख्त उपस्थिति और सूचना तंत्र की मजबूती का भी प्रमाण मिलता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+