छत्तीसगढ़: कोंडागांव जाएं, तो जरूर घूमे "आमचो सरगी प्रकृति हर्र" ,जहां सैलानी बने खुद सीएम भूपेश बघेल

रायपुर, 28 मई। छत्तीसगढ़ की बस्तर की कुदरती खूबसूरती पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखती है। जंगलो के घिरे बस्तर में पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं,जिसे राज्य सरकार साकार करने की दिशा में हर सम्भव कदम उठाने लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को को जब कोंडागांव जिले पहुंचे, तो इलाके के कोण्डानार से एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई। दरअसल कोण्डानार में वन विभाग द्वारा खूबसूरत और मनोहारी वन चेतना केन्द्र आमचो सरगी प्रकृति हर्र विकसित किया गया है। आने वाले समय में यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए घूमने, टहलने और पिकनिक मनाने के लिए मनोरम स्थल के रूप में तब्दील होने के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।

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सीएम भूपेश ने घुमा आमचो सरगी प्रकृति हर्र

सीएम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार कोंडागांव भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान आमचो सरगी प्रकृति हर्र, कोंडानार का लोकार्पण किया। इस दौरान आमचो सरगी प्रकृति हर्र में वह खुद सैलानी बने और ओपन जिप्सी में बैठकर प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा देखा। उनके साथ इस दौरान उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ,विधायक मोहन मरकाम, संतराम नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे । इस सुंदर स्थान को घूमने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह केंद्र कोंडागांव वासियों के लिये ऑक्सीजन का काम करेगा, इससे सभी उम्रवर्ग के लोगों को फायदा मिलेगा। आमचो सरगी प्रकृति हर्र कोण्डागांव से मर्दापाल जाने वाली सड़क पर स्थित है।

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पहले होता था शव दहन,अब बना पिकनिक स्पॉट

इस स्थान का उपयोग नगरपालिका कचरों के डम्पिंग यार्ड और शवों के दहन किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग वनों को संरक्षित करने के उद्देश्य से यहां वन चेतना केन्द्र आमचो सरगी प्रकृति हर्र के रूप में विकसित किया है। इस स्थान पर वन विभाग ने घूमने, टहलने, योगा करने और मनोरंजन के साथ-साथ वनों के लिए जागरूकता लाने और आने वाली पीढ़ी को वनों एवं वृक्षों के संबंध में जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोण्डागांव वनमण्डल की तरफ से तैयार किये गये इस केन्द्र को छत्तीसगढ़ के ऋषिकेश की संज्ञा दी जा रही है।

वन विभाग के अधिकारियो ने बताया कि आमचो सरगी प्रकृति हर्र का मुख्य मकसद प्रकृति के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक करना भी है। यहां पर 02 किमी लम्बा पाथ-वे बनाया गया है। जहां प्रतिदिन सुबह-शाम लोग प्रकृति के बीच स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे।

क्या है आमचो सरगी प्रकृति हर्र का मतलब

आमचो सरगी प्रकृति हर्र वन चेतना केन्द्र को 11 हिस्सों में विभाजित किया गया है। जिसमें बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, योगा प्लेटफॉर्म, ओपन जीम, ओपन प्लेटफॉर्म, तितली बहुल्य क्षेत्र, क्लाइमबर हाउस, बांबू जोन, तालाब, काष्टकला जोन, वूडन हट तैयार किये गये हैं। इस वन चेतना केन्द्र में 08 प्रकार के बांस के पौधे लगाये गये हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह वन चेतना केन्द्र साल वृक्ष के पेड़ो से घिरा हुआ है, जिसे स्थानीय भाषा में सरई या सरगी कहा जाता है। इस स्थान पर कई वर्षों पुराने साल के वृक्ष मौजूद हैं। जिसके कारण से इस वन चेतना केन्द्र का नामकरण 'आमचो सरगी प्रकृति हर्र रखा गया है। साल छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष भी है।

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