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Chhattisgarh: हड़ताल पर गए कर्मचारियों को लेकर बघेल सरकार सख्त, नहीं मानने पर करेगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में कर्मचारी संगठन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और मकान किराया भत्ता (एचआरए) मिलना चाहिए।
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रायपुर, 23 अगस्त। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी संगठन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और मकान किराया भत्ता (एचआरए) मिलना चाहिए। हालांकि यह भी जानना जरुरी है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य के आर्थिक हालातों को देखते हुए भूपेश सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया था,लेकिन फिर भी वह हड़ताल पर अड़े हुए हैं,लिहाजा सरकार अब सख्ती बरतने के मूड में नजर आ रही है।

हाल में बढ़ाया गया था DA,फिर भी हड़ताल ,अब सरकार लेगी एक्शन

हाल में बढ़ाया गया था DA,फिर भी हड़ताल ,अब सरकार लेगी एक्शन

छत्तीसगढ़ में सरकारी विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल एक बार फिर शुरू हो चुकी है। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा चुके 90 विभागों के 4 लाख से अधिक कर्मचारी अपनी मांग को लेकर अड़े हुए हैं,जबकि लिपिकों का एक बड़ा धड़ा इस हड़ताल से खुद को अलग कर चुका है। इधर छत्तीसगढ़ में कर्मचारी संगठनों की हड़ताल पर सीएम भूपेश बघेल ने दो टूक कहा है कि कर्मचारियों की मांग पर महंगाई भत्ता बढाकर पुरानी पेंशन योजना लागू की कर दी गई है। छत्तिसगर सरकार ने सप्ताह में 5 दिन ही काम की छूट भी दी है, हम लगातार कर्मचारियों के हित में फैसले कर रहे हैं। इतना कुछ करने के बाद भी कुछ लोग हड़ताल करना चाहते हैं, तो उनकी इच्छा है,लेकिन हड़ताल केबाद भी शासन अपना काम करेगा।

सरकारी कर्मचारियों को सभी योजनाओ का मिल रहा है फायदा

सरकारी कर्मचारियों को सभी योजनाओ का मिल रहा है फायदा

सीएम भूपेश बघेल ने आगे कहा है कि हमने कर्मचारियों से बातचीत के बाद ही 6% महंगाई भत्ता बढ़ा दिया था । कर्मचारियों के आधे संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। सरकार की जितनी योजनाएं हैं, उसका भी फायदा कर्मचारियों को मिल ही रहा है। बीजेपी के शासन में कई योजनाओं से कर्मचारियों को दूर कर देते थे। हमारी सरकार में तो ,शासकीय कर्मचारी को बिजली बिल हाफ, राशन सभी का फायदा मिल रहा है।

 पूर्व मुख्यमंत्री ने हड़ताल को ठहराया जायज

पूर्व मुख्यमंत्री ने हड़ताल को ठहराया जायज


इधर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कर्मचारियों के आंदोलन को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिन्हे रोजगार मिला है और बेरोजगार हैं दोनों दुखी हैं। कर्मचारी की डीए की मांग को लेकर आंदोलन जायज है। जब केंद्र सरकार जब 34 प्रतिशत DA दे रही है, तो फिर राज्य सरकार कटौती कर रही है। पूर्व सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में 34 प्रतिशत DA हो गया है।

कर्मचारी संगठन क्या कहते हैं

कर्मचारी संगठन क्या कहते हैं

इधर नेताओ के बयानों के बीच छत्तीसगढ़ सर्वविभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी का कहना है कि महासंघ ने अपना हक की लड़ाई लड़ रहा है। बीजेपी शासनकाल में हर 2 वर्ष में संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी होती रही है, लेकिन कांग्रेस सरकार में वेतनवृद्धि नहीं मिली है. ऐसे में कम तनख्वाह वाले वेतन में संविदाकर्मी कार्य करने पर मजबूर हैं।

गृहभाड़ा भत्ता और महंगाई भत्ते की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों के बीच भी गुटबाजी देखने मिल रही है। जहां एक धड़ा हड़ताल में अडिग है,तो वही दूसरा इसके खिलाफ है। प्रदेश स्तरीय हड़ताल को लेकर कर्मचारी-अधिकारी संगठनों में दो फाड़ होने से अधिकतर संगठनों ने नाम वापस ले लिया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी महासंघ से जुड़े कुल 38 संगठनों ने हड़ताल से नाम वापस ले लिया है।

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English summary
Chhattisgarh: If the government does not return to work, then the government will take action
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