छत्तीसगढ़ में देशभक्ति के बहाने सियासी दौड़,भाजपा की तिरंगा यात्रा के जवाब में कांग्रेस निकालेगी गांधी पदयात्रा
आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के देशभर में तिरंगा यात्रा निकलेगी ,तो वहीं कांग्रेस ने पदयात्रा की घोषणा कर दी है।
रायपुर, 02 अगस्त। आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के देशभर में तिरंगा यात्रा निकलेगी ,तो वहीं कांग्रेस ने पदयात्रा की घोषणा कर दी है। दोनों राजनीतिक दलों के बीच राष्ट्रप्रेम के बहाने सियासी दांवपेंच का खेला जाना राजनीती में रूचि लेने वालो में कौतुहल पैदा कर रहा है।

कांग्रेस करेगी पदयात्रा
आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभा सीटों पर 75 किलोमीटर की पदयात्रा करेगी। प्रदेश की 90 में से 71 सीटों पर कांग्रेस का ही कब्ज़ा है। कांग्रेस चाहती है कि 2023 के चुनाव में भी बड़ी जीत दर्ज करके 75 सीट हासिल करे। संभवतः छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली दफा हुआ है, जब यहां राष्ट्रीय त्यौहार के बहाने सियासी दांव पेंच खेले जा रहे हों।

भाजपा ने की तिरंगा यात्रा की तैयारी
बीजेपी तिरंगा यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 45 लाख परिवारों तक पहुंचने की तैयारी कर चुकी है। प्रदेश में तकरीबन 56 लाख घर हैं। इसका मतलब यह है कि भाजपा केवल शहरों में ही नहीं बल्कि काफी बड़े क्षेत्र को कवर करने की कोशिश करेगी। बीजेपी अपनी तिरंगा यात्रा के माध्यम से जनता में देश प्रेम का संचार करने के साथ ही मोदी सरकार की छवि गढ़ने का प्रेस कांफ्रेंस भी करेगी। वहीं देश की आज़ादी के समय से सक्रिय देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस 9 अगस्त से छत्तीसगढ़ में गांधी पदयात्रा का आयोजन करेगी।

कांग्रेस बोली,तमाशा कर रही है भाजपा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपने के बयान में कहा कि बीजेपी को तिरंगे का महत्व समझने में स्वतंत्रता मिलने के बाद 75 साल लग गये। बीजेपी को झंडा फहराने का कार्य आरएसएस कार्यालयों से शुरू करके अपनी भूल पर प्रायश्चित करना चाहिये। मरकाम ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में ज़रा सा भी का योगदान नहीं देने वाले आजादी के अमृत महोत्सव के बहाने खुद के चेहरे पर पुती कालिख छुपाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
मोहन मरकाम ने आगे कहा है कि भाजपा आजादी के अमृत महोत्सव के नाम तमाशा दिखाने की कोशिश में है,क्योंकि उसके लोग आजादी की लड़ाई में तमाशबीन ही थे। उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस ने 52 वर्षों बाद तक कभी तिरंगे को भारतीय ध्वज नहीं माना।
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खादी का तिरंगा बांटे बीजेपी
तिरंगे को लेकर सियासत इस कदर मुखर है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर तिरंगा यात्रा में खादी के झंडों का उपयोग करने का आग्रह किया है। तिवारी ने अपने पत्र में लिखा है कि खादी स्वाधीनता के आंदोलन और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके इस्तेमाल से बुनकरों के आर्थिक स्वावलंबन की राह खुलेगी।
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