छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किया सीनियर नेता अजय सिंह को निष्काषित ,भाजपा ले रही चुटकी
रायपुर, 03 मई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह को पार्टी ने 6 सालों के निष्कासित कर दिया है। उनपर कार्रवाई करने के बाद कांग्रेस संगठन के प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला ने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण कार्रवाई की गई है। अजय सिंह छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य होने के साथ ही कांग्रेस के पुराने नेता हैं। वह बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी पर लगातार भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे,जिसके बाद कांग्रेस संगठन ने उन्हें नोटिस जारी करके 7 दिनों के भीतर में जवाब मांगा था ।

कांग्रेस ने तय समय के भीतर जवाब नहीं मिलने पर पार्टी ने एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए उन्हें निष्काषित कर दिया है। बहरहाल अजय सिंह ने पार्टी के इस तर्क को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने वक़्त से पहले ही लिखित में जवाब देने के अलावा आलाकमान से मिलकर अपनी बात भी रखी थी, फिर भी विधायक के दबाव में उनपर कार्रवाई की गई है। अजय सिंह ने ने कहा कि पार्टी ने उनके साथ अन्याय किया है,लेकिन वह कांग्रेस को छोड़कर पार्टी में शामिल नहीं होंगे। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने अनुशासन का डंडा चलाना शुरू कर दिया है और आने वाले समय में कई अन्य पर कार्रवाई हो सकती है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ली चुटकी
इधर कांग्रेस की स अंदरूनी कलह पर भाजपा भी तंज कसने से नहीं चूक रहीं है। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने बयान जारी करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के नरवा में इस तरह लोट रही है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध बोलने को अनुशासन हीनता मानकर पार्टी से निकाल बाहर कर दिया जाता है! यह सरकार और कांग्रेस भ्रष्टाचार को ही शिष्टाचार मानती है। भूपेश बघेल और उनकी कांग्रेस तानाशाह किम जोंग के नक्शे कदम पर चल रही है। जिसे विरोध का गला घोंटने में कोई संकोच नहीं होता ।
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि भूपेश बघेल के राज में जनता, कर्मचारी और विपक्ष किसी को भी विरोध व्यक्त करने की लोकतांत्रिक आजादी नहीं है। धरना प्रदर्शन जुलूस रैली किसी भी रूप में विरोध भूपेश बघेल सरकार को मंजूर नहीं है। अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर भूपेश एक्ट लाया गया है ताकि कोई भी सरकार के अत्याचार और भ्रष्टाचार का विरोध न कर सके। छत्तीसगढ़ में केवल भ्रष्टाचार को छूट है, माफिया राज की छूट है, अपराध की छूट है। बाकी सब पर पाबंदी है। इंदिरा गांधी के अलोकतांत्रिक आदर्श पर चलने वाली कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में सेंसरशिप लगा रखी है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्य राज्यों में भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराने टोल फ्री नंबर जारी हो रहे हैं और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार भ्रष्टाचार को ऐसा संरक्षण दे रही है कि विधायक के भ्रष्टाचार पर बोलने का दंड दिया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम अपने सामने मारपीट करने वाले का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द करते हैं और भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले को तत्काल प्रभाव से बाहर निकाल देते हैं। कांग्रेस के खाने और दिखाने के अलग अलग दांत सबके सामने आ गए हैं।
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