छत्तीसगढ़ बजट 2022 विपक्ष ने बताया निराशाजनक, पूर्व सीएम रमन सिंह बोले - फूले हुए गुब्बारे जैसा है बजट
Chhattisgarh Budget 2022, the opposition said disappointing, former CM Raman Singh said - the budget is like an inflated balloon
रायपुर,09 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से चौथी बार पेश किये गए बजट को विपक्ष ने निराशानजक करार दिया है।पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल सरकार के चौथे बजट को दिशाहीन और निराशा से भरा बजट करार देते हुए कहा है कि भूपेश बघेल सरकार का बजट बिना आत्मा के शरीर, बिना पानी की नदी, बिना ऊंचाई के पहाड़ और फूले हुए गुब्बारे जैसा है। इसमें न तो दूरदर्शिता है और न ही दृष्टिकोण है।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि अपने बज़ट भाषण में प्रदेश सरकार ने लोक-लुभाावन घोषणाओं की तो झड़ी लगा दी, लेकिन अहम सवाल यह है कि इन पर काम करने का रोडमैप क्या होगा? भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि बज़ट में पुरानी पेंशन योजना की बहाली करने वाली प्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ते पर मौन साधकर अपने कर्मचारी विरोधी रवैए का परिचय दिया है। आर्थिक कंगाली के मुहाने पर प्रदेश को ला खड़ा करने वाली प्रदेश सरकार ने विकास का कोई विज़न पेश करने के बजाय नए काम और योजनाओं की घोषणाएँ करते हुए यह बताने की ज़रूरत नहीं समझी कि इनके लिए वह राशि कहाँ से जुटाएगी?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने बजट पर कहा कि प्रदेश सरकार के प्रस्तावित बज़ट में आदिवासी क्षेत्रों में पुजारियों, बैगा-गुनिया और माँझी के लिए बेहद कम राशि की घोषणा करके आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे धर्मांतरण के कुचक्र और आदिवासियों के धर्मस्थलों व मूर्तियों के लगातार हुए और हो रहे विध्वंस से प्रदेश का ध्यान भटकाने की कोशिश की है। साय ने कहा कि आदिवासियों के सर्वांगीण विकास, सम्मानजनक जीवन-स्तर और उनकी पूरी सुरक्षा को लेकर यह बज़ट मौन है। अपने संसाधनों से प्रदेश की राजस्व आय बढ़ाने के नाम पर प्रदेश सरकार ने ले-देकर अब विचार किया है, और इस लिहाज़ से भी रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाकर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ लादने का ही काम किया है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि किसानों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाकर सस्ती राजनीति करने वाली प्रदेश सरकार ने किसानों के जीवन-स्तर के उठाने और खेती-किसानी के काम को सुगम और लााभपरक बनाने का कोई संकल्प इस बज़ट में व्यक्त नहीं किया है। उत्तरप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग यूनिट के नाम पर बगलें बजाती प्रदेश सरकार अपने चौथे बज़ट में भी अपने इस वादे पर ख़ामोश है और किसानों के साथ छलावा करने के अलावा और कुछ नहीं कर रही है।
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने बज़ट भाषण में रोज़गार के नाम पर प्रदेश को एक बार फिर ग़ुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बज़ट में बेरोज़गारी भत्ते के लिए कोई प्रावधान इस वर्ष भी नहीं करने वाली और तीन साल में 5 लाख नौकरियाँ देने कर झूठी वााहवाही बटोरने का शर्मनाक उपक्रम कर रही प्रदेश सरकार बताए कि अपने पूरे कार्यकाल में 15 लाख रोज़गार मुहैया कराने का दावा वह किस आधार पर कर रही है? साहू ने कहा कि व्यावसायिक परीक्षा मंडल और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में छात्रों को परीक्षा शुल्क में छूट देने की घोषणा करके प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को झुनझुना थमाने का काम भूपेश सरकार ने किया है।












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