Neeraj Sharma visa fraud: कौन हैं भारतीय मूल के नीरज शर्मा? अमेरिका ने क्यों छीन लिया उनसे नागरिकता
Indian American Neeraj Sharma visa fraud: अमेरिका ने नागरिकता हासिल करने में धोखाधड़ी, गलत जानकारी और गंभीर अपराधों के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए 17 लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें भारतीय मूल के नीरज शर्मा भी शामिल हैं, जिन पर फर्जी H-1B वीजा दस्तावेजों और नागरिकता प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देने का आरोप है।
अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि नागरिकता एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। यदि कोई व्यक्ति धोखे, फर्जी दस्तावेज या जानकारी छिपाकर नागरिकता प्राप्त करता है, तो उससे यह दर्जा वापस लिया जा सकता है।

कौन हैं नीरज शर्मा और उन पर क्या आरोप हैं?
नीरज शर्मा न्यूजर्सी स्थित प्लेसमेंट फर्म मैग्नाविजन LLC के मालिक हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार उन्होंने 11 फर्जी H-1B वीजा आवेदनों पर हस्ताक्षर किए थे। इन आवेदनों में दावा किया गया था कि संबंधित कर्मचारी एक बड़े ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन में काम करेंगे। जांच में आरोप लगा कि आवेदन के साथ जमा किए गए कई दस्तावेजों पर अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर थे। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनियोजित वीजा फ्रॉड का मामला था।
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नागरिकता मिलने के बाद कैसे सामने आया मामला?
न्याय विभाग के मुताबिक नीरज शर्मा ने 2017 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था और उसी वर्ष उन्हें नागरिकता मिल गई। लेकिन बाद की जांच में सामने आया कि उन्होंने इंटरव्यू के दौरान अपने पिछले आपराधिक मामलों के बारे में सही जानकारी नहीं दी। इसके बाद अप्रैल 2015 से अप्रैल 2017 के बीच वीजा फ्रॉड और इमिग्रेशन नियमों के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों में उन्हें दोषी ठहराया गया। अब सरकार का कहना है कि नागरिकता गलत जानकारी के आधार पर हासिल की गई थी।
अमेरिका किस आधार पर नागरिकता रद्द कर सकता है?
अमेरिकी इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के तहत सरकार किसी व्यक्ति की नागरिकता रद्द कर सकती है यदि यह साबित हो जाए कि उसने फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर नागरिकता हासिल की है। इसे "डीनैचुरलाइजेशन" प्रक्रिया कहा जाता है। इस प्रक्रिया में सरकार कोर्ट के जरिए यह साबित करने की कोशिश करती है कि नागरिकता देने के समय संबंधित व्यक्ति ने कानून का पालन नहीं किया था या अधिकारियों को गुमराह किया था।
बाकी 16 लोगों पर क्या आरोप हैं?
नीरज शर्मा के अलावा जिन 16 लोगों की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनमें कई गंभीर अपराधों के आरोपी शामिल हैं। इनमें बच्चों के यौन शोषण, नाबालिगों से जुड़े अपराध, अश्लील सामग्री रखने और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी या आरोपी लोग शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में नागरिकता रद्द करने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि गंभीर अपराध और इमिग्रेशन फ्रॉड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस कार्रवाई का क्या संदेश है?
अमेरिकी प्रशासन इस कार्रवाई को इमिग्रेशन सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखने की कोशिश के रूप में पेश कर रहा है। गृह सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नागरिकता केवल उन्हीं लोगों के लिए है जो कानून का सम्मान करते हैं और पूरी ईमानदारी से प्रक्रिया पूरी करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भविष्य में नागरिकता और वीजा प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने वालों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जाएगा। इससे इमिग्रेशन नियमों के पालन पर सरकार का फोकस और सख्त होता दिखाई दे रहा है।












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